मंदसौर जिले के डॉ प्रद्युम्न भट्ट को मिला प्रतिष्ठित डॉ आर के शर्मा मेमोरियल अवार्ड

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मंदसौर जिले के डॉ प्रद्युम्न भट्ट को मिला प्रतिष्ठित डॉ आर के शर्मा मेमोरियल अवार्ड

ग्वालियर की राष्ट्रीय संगोष्ठी में श्रेष्ठ योगदान के लिए किया सम्मानित

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में, विद्या कॅरियर रिसर्च फाउंडेशन तथा सेंट्रल इंडिया जर्नल ऑफ़ हिस्ट्रीरिकल एन्ड आर्कियोलॉजिकल रिसर्च औऱ सेन्ट्रल इंडियन हिस्ट्रीकल रिसर्च फाउंडेशन के तत्ताववधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मानव सभ्यता के प्राचीनतम प्रगेतिहास युगीन प्रमाण खोजने तथा शेलचित्र संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए मंदसौर जिले के भानपुरा निवासी पुराविद् एवं इतिहासकार डॉ प्रद्युम्न भट्ट को मध्यप्रदेश के सुप्रसिद्ध पुरातत्त्ववेत्ता डॉ आर के शर्मा मेमोरीयल अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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अभिनन्दन सम्मान सत्र के अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार डॉ नर्मदा प्रसाद उपाध्याय, लोक साहित्य मर्मज्ञ डॉ पूरन सहगल, डॉ जिगर मोहम्मद (जम्मू विश्विद्यालय) संयोजक डॉ संजय स्वर्णकार, डॉ विनय श्रीवास्तव डॉ आशा श्रीवास्तव डॉ दीपक खरे पर्यावरणविद के हाथों डॉ शर्मा मेमोरियल अवार्ड तथा अभिनंदन पत्र शॉल श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया..।

सीआईजेएचआर अंतर्राष्ट्रीय जर्नल के सम्पादक डॉ विनय श्रीवास्तव ने अभिनंदन पत्र का वाचन करते हुए कहा कि, डॉ भट्ट ने अपनी लम्बी शोध यात्रा में विज्ञान की तार्किकता औऱ इतिहास की गहराई को अपने शोध कार्यों में व्यक्त किया है अपने शोध कार्यों ने भानपुरा मंदसौर को अंतर्राष्ट्रीय गौरव प्रदान किया।

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डॉ भट्ट ने पाषाणों की मूक धड़कन को, पाषाणों में लिखी कविता को, उस संगीत को सुना है जिसे हर कोई नहीं सुन सकता. डॉ भट्ट ने भानपुरा मंदसौर को अंतर्राष्ट्रीय गौरव प्रदान किया यही नहीं डॉ भट्ट द्वारा खोजे दस मिलियन साल पुराने कुर्म फोसिल तथा चार मिलियन साल पुराने होमोनिन के पद चिह्न की खोज ने मध्य प्रदेश में शोध की नवीन सम्भावनाये प्रकट की है।

उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में देश के बीस राज्यों के प्रतिभागियों ने भाग लिया, विशेष सत्र में भानपुरा के पुराविद् एवं इतिहासकार डॉ भट्ट ने सह अध्यक्षता करते हुए डॉ चारु चित्रा के साथ मंच साझा किया औऱ इस संगोष्ठी में चम्बल घाटी में मानव का संज्ञानात्मक विकास विषय पर पावर पॉइंट प्रेजेन्टेशन के साथ व्याख्यान दिया।

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डॉ भट्ट के प्रेजेंटेशन से संगोष्ठी में शामिल नवीन छात्र पुरातत्त्व औऱ प्रागेतिहास विषय से प्रेरित औऱ प्रभावित हुए।
स्मरणीय है यह राष्ट्रीय संगोष्ठी, कला, संस्कृति, पुरातत्त्व औऱ पर्यावरण पर केंद्रित थी.

इस संगोष्ठी में कर्नाटक की प्रोफेसर पल्लवी, नर्मदा पुरम की इतिहास कार डॉ हँसा व्यास, उज्जैन की विभागाध्यक्ष औऱ ग्वालियर की डॉ चारु चित्रा ने अपने शिष्य दल के साथ मंदसौर जिले में भानपुरा की रॉक आर्ट तथा मानव सभ्यता के विकास प्रमाण देखने की तीव्र लालसा व्यक्त की।

डॉ भट्ट को मिले प्रतिष्ठित आर के शर्मा मेमोरियल अवॉर्ड पर उनके योगदान की सराहना करते हुए दशपुर प्राच्य शोध संस्थान निदेशक एवं वरिष्ठ पुरातत्व विद्वान श्री कैलाश चन्द्र पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्री सुभाष सोजतिया, विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक श्री देवीलाल धाकड़, जन परिषद मंदसौर चैप्टर अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल, प्रेस क्लब संरक्षक श्री ब्रजेश जोशी, पत्रकार श्री अनिल नाहर, कृषि वैज्ञानिक श्री नरेंद्र सिंह सिपानी, वरिष्ठ पार्षद पंडित अरुण शर्मा, समाजसेवी श्री सुनील मांदलिया, श्री नरेंद्र त्रिवेदी, कवि साहित्यकार श्री गोपाल बैरागी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती डॉ मनुप्रिया विनीत यादव, श्री नरेंद्र भावसार नंदकिशोर राठौर, श्रीमती चंदा अजय डांगी, विक्रम विद्यार्थी महावीर अग्रवाल सहित अन्य सामाजिक सांस्कृतिक संस्थाओं ने अभिनन्दन करते हुए इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।