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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि उनके जिलों में पिछले कई सालों में ड्रग माफिया, ड्रग्स की तस्करी,ड्रग्स का सेवन करते हुए और अवैध शराब की तस्करी करते हुए जो पकड़ाए हैं उनका डोजियर तैयार किया जाए। जिसमें इनकी सभी जानकारी शामिल की जाए। जिसमें इनके निवास का पता, इनके आय के साधन के साथ ही इनकी प्रापर्टी, परिवार के सदस्य,दोस्तों सहित अन्य जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके बाद यह जानकारी अगले महीने के अंत तक पुलिस मुख्यालय भेजना होगी। इसके साथ ही जो तस्कर और करोबारी एक्टिव हैं उन के खिलाफ पुलिस अधीक्षक रासुका का प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर को भेजेंगे।
मकानों पर चल सकते हैं बुलडोजर
माना जा रहा है कि अब ड्रग्स का कारोबार करने वालों पर न सिर्फ कानून का डंडा चलेगा, बल्कि जिला प्रशासन भी इनके खिलाफ ताकत से पेश आएगा। इस रिपोर्ट के बाद ड्रग माफियाओं के अवैध निर्माणों पर भी बुलडोजर चलाए जा सकते हैं।
पुरानों पर भी नजर
वहीं जो इसी तरह के मामलों में पूर्व में गिरफ्तार होकर जेल की हवा खा चुके, और पिछले कुछ सालों से वे इस कारोबार से दूर हैं। उनकी जानकारी भी तलब की गई है। बताया जाता है कि इन पर भी अब नजर रखी जाएगी। इसकी भी सूची हर जिले में थाना क्षेत्र के अनुसार तैयार की जाएगी। थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि इन पर भी नजर रखे।
इसलिए हो रही सख्ती
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ दिनों पहले अपने निवास पर एक बैठक में नशा मुक्ति अभियान चलाने को लेकर डीजीपी सहित अन्य अफसरों को निर्देश दिए थे। इसके बाद से प्रदेश की पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ नशे के अवैध करोबार को ध्वस्त करने में लग गई है। इसके चलते अलीराजपुर, इंदौर, रतलाम, भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में बड़ी कार्यवाही की गई है।