ग्रामीण सड़क पर दौड़ते डंपर ने बाइक सवारों को कुचला:दो की मौत, प्रशासन पर सवाल

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ग्रामीण सड़क पर दौड़ते डंपर ने बाइक सवारों को कुचला:दो की मौत, प्रशासन पर सवाल

▪️कमलेश नाहर▪️

JHABUA-RANAPUR:राणापुर थाना क्षेत्र के ग्राम ढ़ोल्यावाड में रविवार शाम करीब 7 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब Udaygarh की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार विजय सुमरिया भयडिया और मुकेश एटा भयडिया की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं तीसरा युवक राजकिशन मेहताब गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।

● टक्कर मारकर डंपर चालक फरार

हादसे के बाद डंपर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घायल राजकिशन को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राणापुर ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। पुलिस द्वारा फरार डंपर और चालक की तलाश की जा रही है।

● प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर दौड़ रही मौत

ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा केवल लापरवाही नहीं, बल्कि ग्रामीण सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड और तेज रफ्तार डंपरों का नतीजा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत बनी यह सड़क भारी वाहनों के लिए नहीं है, इसके बावजूद रोजाना डंपर बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। ओवरलोड वाहनों ने पूरी सड़क की हालत खराब कर दी है।

● मुख्य मार्ग छोड़ ग्रामीण सड़कों का हो रहा इस्तेमाल

स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध रूप से रेत, शराब, कृषि उपज और वन्य उपज के परिवहन में लगे डंपर जानबूझकर मुख्य मार्गों से बचते हैं और ग्रामीण सड़कों को शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। तेज गति और लापरवाही के चलते ये डंपर छोटे वाहनों और बाइक सवारों को कुछ नहीं समझते।

● सिर्फ जिला मुख्यालय नहीं, गांवों में भी खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि मौत के ये डंपर सिर्फ जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव में कहर बरपा रहे हैं। प्रशासन की सख्ती केवल शहरों तक सीमित है, जबकि ग्रामीण इलाकों में इन पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं है।

● प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण सड़कों पर भारी और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर सख्त रोक लगाई जाए, तेज गति पर नियंत्रण हो और अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे और निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी।

यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि क्या ग्रामीण सड़कों पर दौड़ते ओवरलोड डंपरों पर प्रशासन की नजर है या फिर मौत यूं ही गांवों की सड़कों पर दौड़ती रहेगी।