

ED Raid Exposed Negligence of Alirajpur Police: 20 करोड़ के शिक्षा घोटाले में पुलिस की कार्यशैली और जांच की निष्पक्षता पर भी सवालिया निशान!
– राजेश जयंत
अलीराजपुर: जिले के कट्ठीवाड़ा खंड शिक्षा कार्यालय में बीते दिनों सामने आए 20 करोड़ से अधिक के घोटाले में केंद्रीय एजेंसी ED की कार्रवाई ने जिले की पुलिस जांच और उसकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बहुचर्चित घोटाले में मुख्य आरोपी और उसके रिश्तेदारों के ठिकानों पर ED ने छापे मारे, जिसमें कई अहम दस्तावेज, संपत्तियां और बैंक खाते बरामद हुए।
ED की इस कार्रवाई ने पुलिस की 19 महीने लंबी जांच की पोल खोल दी। छापे में ED को तीन ऐसे बैंक खाते मिले, जिनमें 25 लाख रुपये जमा थे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अलीराजपुर पुलिस ने इन खातों को न तो फ्रीज किया और न ही इन पर कोई कार्रवाई की। इसके अलावा, पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत मामला दर्ज करने के बावजूद, विशेष न्यायालय अधिनियम 2011 के तहत घोटाले की अवधि में अर्जित संपत्ति को राजसात करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की। इसके उलट, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA 2002) के तहत तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की अवैध संपत्ति जब्त करना शुरू कर दिया है।
*बड़ा सवाल*
इस पूरे मामले में एक और बड़ा सवाल यह है कि जहां ED अपनी कार्रवाई की पूरी जानकारी प्रेस को दे रही है, वहीं अलीराजपुर पुलिस ने न तो कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की और न ही कोई प्रेस रिलीज़ जारी की। इससे पुलिस की पारदर्शिता और गंभीरता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
*और अंत में….*
ED की तेज़ और सख्त कार्रवाई ने न सिर्फ घोटाले के मुख्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और जांच की निष्पक्षता पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब जिले की जनता और प्रशासन, दोनों ही पुलिस से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर इतने बड़े घोटाले में अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई….?