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ईडी रिमांड पर हैं सीएम केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने ईडी रिमांड चार दिन के लिए बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान रिमांड बढ़ाने की मांग करते हुए जांच एजेंसी के वकील ने कहा कि मुख्यमंत्री जांच में नहीं कर रहे सहयोग हैं। मामले से जुड़े कुछ और लोगों से सीएम का सामना करवाना है। वहीं, सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आबकारी नीति बनने के दौरान कोई घोटाला नहीं हुआ। साथ में आरोप भी लगाया कि ईडी का मकसद आम आदमी पार्टी (आप) को खत्म करना है।
कैसे शुरू हुई घोटाले की जांच
शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं, जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था।
सीबीआई ने अगस्त 2022 में इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ नियमों के कथित उल्लंघन और नई शराब नीति में प्रक्रियागत गड़बड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की। बाद में सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के संबंध में ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच शुरू कर दी।
ईडी और सीबीआई दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में कथित घोटाले की अलग-अलग जांच कर रही हैं। ईडी नीति को बनाने और लागू करने में धन शोधन के आरोपों की जांच कर रही है। वहीं, सीबीआई की जांच नीति बनाते समय हुई कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है।
शराब नीति घोटाले मामले में ईडी इससे पहले अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी और आज अरविंद केजरीवाल के घर पर पहले छापेमारी फिर तलाशी और बाद में गिरफ्तारी की। विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, समीर महेंद्रू, पी सरथ चंद्रा, बिनोय बाबू, अमित अरोड़ा, गौतम मल्होत्रा, राघव मंगूटा, राजेश जोशी, अमन ढाल, अरूण पिल्लई, मनीष सिसोदिया, दिनेश अरोड़ा, संजय सिंह और के कविता।