ED’s Big Action: इंदौर में चर्चित मीडिया समूह पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दर्ज, कोर्ट ने लिया संज्ञान

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ED’s Big Action: इंदौर में चर्चित मीडिया समूह पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दर्ज, कोर्ट ने लिया संज्ञान

वरिष्ठ पत्रकार के के झा की विशेष रिपोर्ट

इंदौर | इंदौर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के एक बहुचर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय मीडिया जगत से जुड़े प्रमुख लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (PC) दाखिल की है।

यह शिकायत 30 अक्टूबर 2025 को विशेष न्यायालय (PMLA), इंदौर में प्रस्तुत की गई थी।

ED द्वारा दायर शिकायत में किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी, श्रीमती पूनम वाधवानी तथा उनकी कंपनी मैसर्स दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है, जो क्षेत्र की एक जानी-मानी मीडिया संस्था है।

*सरकारी धन को नुकसान पहुँचाने की साजिश का आरोप*
ED के अनुसार, आरोपियों पर यह गंभीर आरोप है कि उन्होंने एक सुनियोजित और जटिल साजिश के तहत अवैध रूप से अर्जित धन को वैध आय के रूप में दर्शाने का प्रयास किया। एजेंसी का दावा है कि मीडिया व्यवसाय की आड़ में काले धन को सफेद करने और कर चोरी के लिए विभिन्न वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। यह मामला वर्ष 2021 में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगाए गए थे। इसी जांच के आधार पर ED ने आगे मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

*करोड़ों की संपत्ति पहले ही हो चुकी है कुर्क*
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए करीब ₹11.33 करोड़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इनमें जमीन और फ्लैट शामिल थे, जिनका वर्तमान बाजार मूल्य ₹20 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है।

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एक अहम कानूनी कदम के रूप में 12 जनवरी 2026 को विशेष PMLA न्यायालय, इंदौर ने ईडी की शिकायत पर संज्ञान ले लिया, जिससे मामले में विधिवत न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह चरण आगे चलकर समन, पूछताछ, अतिरिक्त कुर्की या गिरफ्तारी का आधार बन सकता है।

*सबूतों में वित्तीय लेन-देन और दस्तावेज शामिल*
हालांकि ईडी ने सार्वजनिक रूप से सभी सबूतों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक शिकायत में बैंकिंग ट्रांजैक्शन, वित्तीय दस्तावेज, लेन-देन की श्रृंखला और गवाहों के बयान शामिल हैं, जो कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

*मीडिया और कारोबारी जगत में हलचल*
यह मामला न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के मीडिया और कारोबारी जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब तक आरोपियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईडी की यह कार्रवाई देशभर में चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।