
Eye Donation : दो मृतकों के नेत्रदान से चार नेत्रहीनों को मिलेगा नया जीवन!
Ratlam : नेत्रदान के क्षेत्र में जनजागरूकता और सेवा भावना से प्रेरित संस्थाओं के सतत प्रयासों से रतलाम जिले में 2 नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। इन पुनीत कार्यों से अब 4 नेत्रहीनों को पुनः दृष्टि मिलने की आशा जगी है।
पहला नेत्रदान ग्राम धराड़ निवासी तेजराम पाटीदार (वरथुन वाले) के निधन उपरांत सम्पन्न हुआ। उनके सुपुत्र बालमुकुंद पाटीदार एवं परिजनों ने रतनलाल पाटीदार (धराड़ वाले) की प्रेरणा से नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की सहमति प्राप्त होते ही बड़नगर गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जीएल ददरवाल को सूचना दी गई। उनकी टीम के सदस्य मनीष तलाच एवं परमानंद राठौड़ ने ग्राम धराड़ पहुंचकर पूरी श्रद्धा एवं विधिपूर्वक नेत्र (कार्निया) संरक्षण की प्रक्रिया सम्पन्न की।
दूसरा नेत्रदान शहर की वेदव्यास कॉलोनी निवासी श्रीमती कृष्णा नाटाणी (धर्मपत्नी स्वर्गीय राधावल्लभ नाटाणी) के निधन उपरांत हुआ। उनके सुपुत्र विवेक खंडेलवाल एवं परिजनों ने अनुरूप सोमानी की प्रेरणा से नेत्रदान का निर्णय लिया।नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई। उनके मार्गदर्शन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर विनोद कुशवाह, हेमलता सहित टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि नेत्रदान हेतु टीम को दिवंगत के निवास स्थान तक लाने एवं पुनः मेडिकल कॉलेज पहुंचाने की सम्पूर्ण व्यवस्था नेत्रम संस्था के सदस्य समाजसेवी शीतल भंसाली के सहयोग से की गई।
नेत्रदान के दौरान ओमप्रकाश, रतनलाल, पुरुषोत्तम, शंकरलाल, ईश्वरलाल, दिलीप पाटीदार, राजेश, योगेश गेलड़ा, शीतल भंसाली, नवनीत मेहता, शलभ अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, सुशील मीनू माथुर, भगवान ढलवानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें। नेत्रम संस्था द्वारा दोनों परोपकारी परिवारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। तथा उनके मानवीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर देहदान एवं नेत्रदान की महत्ता पर जोर देते हुए जनजागरूकता अभियान को और अधिक गति देने का संकल्प दोहराया गया!





