
fake experience certificate scandal: दमोह PHE के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री पर EOW की बड़ी कार्रवाई
BHOPAL : लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड दमोह में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के गंभीर मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ EOW सागर ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, एक निजी फर्म और उसके प्रोप्राइटर के खिलाफ धोखाधड़ी, षडयंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
▪️शिकायत से हुआ पूरे मामले का खुलासा
▫️आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ सागर में सम्यक जैन और मनन अग्रवाल द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड दमोह के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एम.के. उमरिया ने नियमों को ताक पर रखकर मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज पन्ना को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर EOW ने प्रकरण दर्ज किया।
▪️टेंडर किसी और को, अनुभव प्रमाण पत्र किसी और को
▫️EOW की जांच में सामने आया कि जिला दमोह में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा टेंडर क्रमांक 31/21-22 जारी किया गया था। यह टेंडर मेसर्स उमापति ड्रिलर्स को प्राप्त हुआ था। संबंधित फर्म द्वारा कार्य पूर्ण किया गया और नियमानुसार कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र भी मेसर्स उमापति ड्रिलर्स को ही जारी किया गया था।
इसके बावजूद वर्ष 2022 में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एम.के. उमरिया ने टेंडर प्राप्तकर्ता फर्म से अलग मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज को अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
▪️बिना टेंडर और बिना अनुबंध जारी हुआ प्रमाण पत्र
▫️जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से न तो कोई टेंडर प्राप्त किया गया था और न ही विभाग के साथ किसी प्रकार का अनुबंध किया गया था। इसके बावजूद फर्म को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का उपयोग मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज ने पन्ना जिले में टेंडर प्राप्त करने के लिए किया।
▪️पद के दुरुपयोग और षडयंत्र का आरोप
▫️EOW की जांच में यह निष्कर्ष निकला कि तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एम.के. उमरिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए षडयंत्रपूर्वक मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर अमन ओमरे के साथ मिलकर फर्म को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया। जबकि वास्तविक रूप से टेंडर मेसर्स उमापति ड्रिलर्स को मिला था और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र भी उसी फर्म को जारी किया गया था।
▪️इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ अपराध
▫️जांच उपरांत EOW सागर ने तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। इनमें 1. एम.के. उमरिया तत्कालीन कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड दमोह, 2. अमन ओमरे प्रोप्राइटर मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज पन्ना और 3. मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज अजयगढ़ चौराहा पन्ना शामिल हैं।
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
▪️जांच जारी, और भी नाम आ सकते हैं सामने
▫️EOW ने स्पष्ट किया है कि विवेचना के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले को गंभीर मानते हुए दस्तावेजों और टेंडर प्रक्रिया की गहन जांच की जा रही है।





