Fake Kidnapping Conspiracy Exposed : शिवपुरी की जिस लड़की के अपहरण का हंगामा हुआ, वो लड़की की ही साजिश!

वीडियो में इंदौर में दोस्त के दिखाई दी, उसी ने वीडियो बनवाकर पिता लाख की फिरौती मांगी!

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Fake Kidnapping Conspiracy Exposed : शिवपुरी की जिस लड़की के अपहरण का हंगामा हुआ, वो लड़की की ही साजिश!

 

Indore : जिस शिवपुरी की छात्रा के कोटा से अपहरण और फिरौती का दो दिन से हल्ला मचा था, वास्तव में उसका अपहरण नहीं हुआ। इस मामले में खुलासा हुआ कि वो अपने प्रेमी के साथ इंदौर में देखी गई। जबकि, बताया यह गया था कि अपहरण के बाद छात्रा को जयपुर ले जाया गया था। अपहरण करने वालों ने 30 लाख की फिरौती मांगी थी। छात्रा इन पैसों से अपने दोस्तों के साथ विदेश जाना चाहती थी। मामला इतना गंभीर था कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात करके छात्रा को सुरक्षित छुड़वाने बात की थी, जबकि वास्तव में इस छात्रा ने ही सारी साजिश रची थी। इंदौर क्राइम ब्रांच ने गजेंद्र और हर्षित नाम के दो युवकों को पकड़ा है।
राज तब खुला, जब बुधवार शाम एक वीडियो वायरल हुआ जिसे इंदौर का बताया जा रहा है। इसमें दो युवक आपस में बात करते नजर आए उसमें से एक युवक दरवाजा खटखटाता है। फिर एक युवती निकलकर युवक के पीछे जाती दिखाई दे रही है। यह वायरल वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हुई। उधर, इंदौर क्राइम ब्रांच ने भंवरकुआ इलाके से एक युवक गजेंद्र उर्फ ब्रजेश को राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया। बताया जा रहा कि पकड़ा गया यह युवक छात्रा के दोस्त से जुड़ा है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि छात्रा ने इंदौर में दोस्त के फ्लैट पर अपहरण का वीडियो बनाया और पिता को भेजकर 30 लाख फिरौती की मांग की।
पुलिस ने अमन नाम के युवक को भी पकड़ा है, जिससे पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए युवक ने पूछताछ में बताया कि युवती मंगलवार रात तक वह इंदौर में ही थी। 17 मार्च को छात्रा जयपुर पहुंची, फिर 18 मार्च को इंदौर आ गई। जैसे ही अपहरण की खबर सामने आई युवती सोमवार को इंदौर से चली गई। जिस युवक के रूम पर अपहरण का नकली वीडियो बनाया गया, उसे पुलिस राजस्थान ले गई। पकड़े युवक ने बताया कि छात्रा ज्यादातर समय इंदौर में रहती थी। लेकिन, परिवार को कोटा में पढ़ाई करने की जानकारी दी। उसने अपने दोस्त हर्षित के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। युवती और हर्षित काफी दिनों से इंदौर में लिव-इन में रह रहे थे।

ऐसे पता चला कि छात्रा इंदौर में
एडीशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दडोतिया से मंगलवार को राजस्थान पुलिस ने संपर्क किया। बताया गया कि छात्रा की लोकेशन अधिकतर समय इंदौर में रही है। छात्रा को भंवरकुआ इलाके में देखे जाने की पुष्टी की। तत्काल एसआई बलराम रघुवंशी और एसआई मंगलसिंह बघेल की टीमों को जांच में लगी। एक टीम मोबाइल लोकेशन और अन्य डाटा के आधार पर भोलाराम उस्ताद मार्ग पर पहुंची। यहां से गजेन्द्र और अमन को उठा लिया। गजेन्द्र ने पुछताछ में अपहरण से जुड़ी जानकारी दी।

गजेंद्र के रूम पर बना वीडियो
गजेन्द्र ने बताया कि युवती ने वीडियो उसके रूम पर ही बना था। किचन में ही पूरे फोटो वीडियो तैयार किए। जिसमें छात्रा के साथ हर्षित भी मौजूद था। यहां छात्रा ने वीडियो बनवाने के बाद उसे अपने पिता के मोबाइल पर भेजा। वही अपने पिता से चैटिग भी कर रही थी। जब खबर पुलिस तक पहुंची तो दोनों इंदौर छोड़कर चले गए। राजस्थान पुलिस गजेन्द्र और अमन को अपने साथ ले गई। गजेन्द्र ने बताया कि छात्रा अधिकतर इंदौर में ही रहती थी। लेकिन पिता से झूठ बोलती और कोटा में होने की जानकारी दी।

छात्रा और हर्षित दोनों लिविंग में
छात्रा और हर्षित दोनों लिविंग में रह रहे थे। पर माता-पिता को कोटा में रहकर पढ़ाई करने की बात बताई। हर्षित ने करीब 15 दिन पहले अपना रूम खाली किया, उसे शंका थी कि युवती जब भी इस तरह का काम करेगी तो उसके परिवार को उसी के ऊपर शक होगा। पुलिस उसका पता ढूंढते हुए इंदौर आ जाएगी। इसके बाद वह गजेन्द्र के रूम पर आ गया। छात्रा भी यहां पहुंच गई।
युवती ने कुछ दिन पहले अपनी गाड़ी और मोबाइल बेच दिया। उसने दोस्तों से कहा कि इन पैसों से कुछ दिन उसका खर्च निकल जाएगा। बाकी रूपए पिता भेज ही देगे। उसने गजेन्द्र और अमन के सामने बताया था कि उसके माता पिता उससे बहुत प्यार करते है। वह फिरौती के पैसों की व्यवस्था कर ही देंगे। छात्रा इन पैसों से अपने दोस्तों के साथ विदेश जाना चाहती थी। छात्रा दो साल पहले इंदौर में नीट परीक्षा की तैयारी करने के लिए इंदौर आई थी। यहां एक प्राइवेट कोचिंग संस्थान में एडमिशन लेने के बाद गलत संगत में पड़ गई। उसके बाद से इंदौर में इस तरह से ही पिता को कई बार फिरौती के लिए धमकी भरे फोन कॉल जा चुके थे।

ये था फर्जी अपहरण की साजिश का मामला
कोटा में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के अपहरण का मामला सोमवार को सामने आया। अपहरणकर्ता ने छात्रा के पिता रघुवीर धाकड़ को मैसेज कर फोटो भेजा। फोटो में छात्रा रस्सी से बंधी दिखाई दी। मैसेज के जरिए 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। फिरौती की रकम नहीं देने पर छात्रा को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद छात्रा के पिता कोटा आए और थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। छात्रा की मां भी कोटा आई। पुलिस ने दोनों के बयान लेकर जांच शुरू की।
लड़की के पिता रघुवीर धाकड़ ने 18 मार्च को इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को की। रघुवीर बैराड़ के लार्ड लखेश्वर स्कूल के चलाते हैं। रघुवीर धाकड़ ने पुलिस को बताया कि 18 मार्च को दोपहर 3 बजे मेरे मोबाइल पर बेटी की किडनैपिंग का मैसेज आया था। बेटी के हाथ-पैर और मुंह बंधी फोटो भी बदमाशों ने भेजी थी। कुछ फोटो में बेटी के चेहरे पर खून भी नजर आ रहा था। फोटो भेजने वाले ने मैसेज में लिखा था कि रघुवीर तेरी बेटी को किडनैप कर लिया गया है। उसे जिंदा छोड़ने के एवज में 30 लाख रुपए की फिरौती चाहिए।