Fake Lawyer Case : कोर्ट में बहस का वीडियो बनाने वाली PFI समर्थक ने बहुत कुछ कबूला!

तीन दिन के रिमांड में पुलिस तह तक जाने की कोशिश करेगी!

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Fake Lawyer Case : कोर्ट में बहस का वीडियो बनाने वाली PFI समर्थक ने बहुत कुछ कबूला!

Indore : जिला कोर्ट में सुनवाई का वीडियो बनाने वाली सोनू मंसूरी को पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया है। सोनू ने प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) समर्थकों के नाम कबूले हैं। इनमे वकील समेत और कुछ और लोग भी शामिल हैं। सोनू के पास से मिले रुपए वकील नूरजहां ने भिजवाए थे, जिसे एक अस्पताल में भिजवाना था। एमजी रोड पुलिस के मुताबिक सोनू मंसूरी पुत्री सुपडू को शनिवार दोपहर जिला कोर्ट नंबर 42 में पकड़ा गया था।

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सोनू खुद को वकील बताकर हिंदू संगठन से जुड़े तनु शर्मा की जमानत पर चल रही बहस का वीडियो बना रही थी। उसके पास से पुलिस ने एक लाख 26 हजार रुपए जब्त किए थे। रविवार को पुलिस ने सोनू को जिला कोर्ट में पेशकर तीन दिन के रिमांड पर लिया। उसने बताया कि वह देवास के शासकीय विधि कालेज में थर्ड ईयर की छात्रा है। कुछ महीनों से वकील नूरजहां के साथ काम कर रही थी। सोनू वकील बनकर कोर्ट में पेश होती थी। पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसने सोनू को रुपए दिए थे। यह भी पता लगाया जाएगा कि ये रूपए क्यों दिए गए थे।

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सोनू की मददगार वकील भी संदिग्ध

जांच में शामिल एक अफसर के मुताबिक सोनू मंसूरी पिता सुपडु मंसूरी इंदौर जिला कोर्ट की एक महिला वकील नूरजहां खान से जुड़ी है, जो सिमी और पीएफआई के सदस्यों की मदद करती है। यह महिला वकील ऐसे सभी आरोपियों के केस भी लड़ती है, जो मुस्लिम समुदाय से जुड़े होते हैं और विधि विरुद्ध क्रियाकलापों में शामिल रहते हैं। इस महिला ने खरगोन दंगों के आरोपियों की भी पैरवी की थी। पुलिस के मुताबिक रविवार होने के कारण युवती से जब्त दस्तावेजों की प्रमाणिकता जांच नहीं पाए है। वकील नूरजहां से भी पूछताछ की जाएगी।

इनके लिए होती थी रिकॉर्डिंग

सोनू मंसूरी हिंदू-मुस्लिम मामलों में कोर्ट की कार्रवाई जैसे बहस, तथ्य आदि अपनी साथी नूरजहां खान के साथ मिलकर PFI व पीस पार्टी से जुड़े लोगों को भेजती है। केंद्र सरकार ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के चलते करीब 5 माह पहले PFI को प्रतिबंधित किया है। एमजी रोड थाना टीआई संतोष यादव के मुताबिक द्वारकापुरी के रहने वाले अभिभाषक संघ के सदस्य सुरेन्द्र सिंह की शिकायत पर फर्जी वकील सोनू मंसूरी (23) पिता सुपडु मंसूरी निवासी सुनिकेत अपार्टमेंट, आनंद बाजार, इंदौर और वकील नूरजहां के खिलाफ 410, 420, 120 बी के तहत केस दर्ज किया है।

मोबाइल में कई वीडियो मिले 

पुलिस के मुताबिक पकड़ी गई युवती के फोन में कई वीडियो मिले। वो मुस्लिम समुदाय के उन लोगों के भी वीडियो बना रही थी, जिन्हें सदर बाजार और खजराना पुलिस द्वारा कोर्ट लाया गया था। उसने वकीलों के आक्रोशित होते हुए भी रिकॉर्डिंग की गई। उसने कोर्ट की उस प्रक्रिया को भी रिकार्ड किया, जिसमें हिंदू संगठन के लोगों की जमानत पर बहस चल रही थी। पुलिस अब इस बात की पुष्टि कर रही है कि युवती ने सिर्फ नूरजहां के कहने पर यह काम किया या पर्दे के पीछे कोई और भी है?

इंटेलीजेंस पड़ताल भी शुरू

सोनू मंसूरी को लेकर इंटेलीजेंस की टीम भी पड़ताल में जुट गई है। इंटेलीजेंस अफसरों के मुताबिक युवती के तार दिल्ली के एक वकील से जुड़े होना पता चला है। ये वही वकील है जो डेढ़ साल पहले बाणगंगा में चूड़ीवाले के साथ मारपीट कांड में फ्लाइट से पैरवी करने इंदौर आया था। वकीलों का दावा है कि सोनू मंसूरी और एडवोकेट नूरजहां खान के अलावा दिल्ली के कुछ सीनियर वकील भी कोर्ट परिसर में मौजूद थे, लेकिन मामला बिगड़ने के बाद नूरजहां सहित अन्य वकील कोर्ट परिसर से चले गए।

परिवार को बेटी के बारे में कुछ नहीं पता

सोनू पर कार्रवाई के बाद उसके परिवार के लोग कसरावद से एमजी रोड थाने पहुंचे थे। लेकिन, पुलिस ने उन्हें सोनू से मिलने नहीं दिया। परिवार ने पुलिस को बताया कि उन्हें पता ही नहीं कि इंदौर में सोनू क्या कर रही है। परिवार में छह बहनें और एक भाई है, सोनू सबसे छोटी है। सभी खरगोन जिले के कसरावद में रहते हैं। सोनू के गिरफ्तार होने की सूचना मिलने पर उसका भाई शनिवार को थाने आया। पुलिस ने उससे आने की वजह पूछी तो भाई ने कहा कि हमारे परिवार में किसी को पता ही नहीं है कि सोनू यहां क्या कर रही है। सोनू इंदौर में कब से रह रही है और किन लोगों के संपर्क में है।

नूरजहां की भी तलाश, उससे भी पूछताछ होगी 

पुलिस इस मामले से जुडी वकील नूरजहां खान की भी तलाश कर रही है। पुलिस को पता चला है कि नूरजहां का कोर्ट में कई वकीलों से विवाद होता रहता है। वकीलों ने बताया कि नूरजहां का आचरण विवादित ही रहा। कोर्ट में भी कई महिला वकीलों से बहस हो चुकी है। कई बार सोशल मीडिया पर भी वो विवादित पोस्ट कर चुकी थी। जिसे बार एसोसिएशन डिलीट कराई। नूरजहां इंदौर में कई सालों से प्रैक्टिस कर रही है और बार एसोसिएशन में कार्यकारिणी का चुनाव भी लड़ चुकी है।