
खेती किसानों के लिए चुनौती कम नहीं कृषि मंत्रालय हर संभव मदद को तैयार -: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री चौधरी
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर / किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत आईएआरआई आउट स्टेशन रिसर्च सेंटर एवं सिपानी कृषि अनुसंधान केंद्र चांगली में नोवा स्थापना दिवस एवं किसान सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौधरी ने चांगली स्थित सिपानी कृषि अनुसंधान केंद्र का अवलोकन किया। यहां कृषि वैज्ञानिकों द्वारा उन्हें गेहूं की विभिन्न प्रजातियों, उनके बीज, दाना, सिंचाई पद्धति तथा उत्पादन क्षमता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने स्वयं खेतों का निरीक्षण कर गेहूं की एवं अन्य उपज की अलग-अलग किस्मों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर कृषि वैज्ञानिक नरेंद्र सिंह सिपानी डॉ अक्षय तालुकदार डॉ रामराज सेन साथ रहे। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री चौधरी ने अनुसंधान एवं कृषि उपज से जुड़े सवाल पूछे ओर जिज्ञासा के साथ संवाद किया ।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने सिपानी कृषि अनुसंधान केंद्र में बीज परीक्षण प्रयोगशाला एवं किसान सभागार का शुभारंभ किया तथा बीज प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में युवा कृषक श्री राजेश गुर्जर द्वारा 570 वैरायटी के बीजों के परीक्षण पर कार्य करने पर सम्मानित किया गया । इस मौके पर बीज परिक्षण आधारित बहुरंगी पुस्तिका का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।
केंद्रीय मंत्री श्री चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सिपानी कृषि अनुसंधान केंद्र एक अद्भुत शोध संस्थान है, जहां किसानों के हित में निरंतर अनुसंधान कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि भारत की रीढ़ है और 145 करोड़ देशवासियों का पेट किसान ही भरता है। किसान कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, यह उसकी महानता है। आपने कहा चुनौती कम नहीं है जलवायु परिवर्तन से प्राणी मात्र के साथ पांच तत्वों को भी प्रभावित किया है हमें समझना चाहिए कि हवा पानी भूमि का अतिरिक्त दोहन कर रहे हैं और इसके बुरे प्रभाव भी हो रहे हैं । अति नहीं करनी चाहिए ।
उन्होंने किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा के लिए यह आवश्यक है। मौसम में हो रहे बदलाव किसानों के लिए बड़ी चुनौती हैं, ऐसे में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना जरूरी है।
श्री चौधरी ने कहा कि खेती किसानों के लिए मंदिर के समान है और इस विद्यालय में लगातार सीखने की आवश्यकता है। सिपानी अनुसंधान केंद्र के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस केंद्र को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने किसानों से मिट्टी परीक्षण करवाने और सॉइल हेल्थ कार्ड का लाभ लेने की भी अपील की।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि सिपानी कृषि अनुसंधान केंद्र ने शोध कार्यों को बढ़ावा देकर किसानों को लाभ पहुंचाया है। शोध कार्यों का परिणाम वर्षों बाद मिलता है, लेकिन इससे कृषि क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के बाद भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है और अब गुणवत्ता युक्त उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। सरकार दलहन एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए भी मिशन मोड में कार्य कर रही है।
श्री गुर्जर ने सुझाव दिया कि गेंहू उत्पादन रिकॉर्ड हुआ है पर इसकी फसलों में कम रसायन और कम दवाओं का उपयोग हो इस पर कृषि वैज्ञानिक और अनुसंधान करेंगे तो अच्छा होगा । गेहूं में रस्ट की रिपोर्ट भी सामने आई है, दूसरा मक्का की पैदावार में उसके पत्ते मौसम प्रभाव से जले नहीं इस पर काम हो ।
किसान कल्याण वर्ष के रूप में हमारी सरकार समर्पित होकर कार्य कर रही है केंद्र और राज्य सरकारों ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी काम किया है । अब दलहन तिलहन और फलों फूलों की दिशा में भी आत्मनिर्भर आगे बढ़ कर कार्य करने की आवश्यकता है
नारकोटिक्स उपायुक्त श्री निखिल गांधी, कृषि वैज्ञानिक डॉ अक्षय तालुकदार ने भी संबोधित किया ।
सिपानी कृषि अनुसंधान केंद्र डायरेक्टर एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक नरेंद्र सिंह सिपानी ने स्वागत करते हुए रिसर्च सेंटर की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री सुधीर गुप्ता राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, डिप्टी कमिश्नर नारकोटिक्स श्री निखिल गांधी, कृषि वैज्ञानिक डॉ अक्षय तालुकदार, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, श्री विजयेन्द्र कुमार सेठी, डॉ घनश्याम बटवाल, जिला कृषि अधिकारी श्री रवीन्द्र मोदी तेजपाल सिंह धाकड़ी विकास भंडारी महावीर प्रकाश अग्रवाल नारायण सिंह चौहान डॉ एस एम पामेचा विक्रम विद्यार्थी राव विजयसिंह सुनील व्यास नवीन जैन हिमांशु सिपानी असद अंसारी दिलीप शुक्ला संजय भारती प्रकाश कल्याणी एसडीएम शुभम पाटीदार रमेश परमार मुकेश पाटीदार अनिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री वरिष्ठ पत्रकार बृजेश जोशी ने किया स्वागत गीत कलाकार श्री नरेंद्र त्रिवेदी ने प्रस्तुत किया आभार डॉ रामराज सेन ने व्यक्त किया ।
मंच पर विश्वप्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ महादेव की प्रतीकात्मक रजत प्रतिमा स्मृति स्वरूप केंद्रीय मंत्री को भेंट की गई ।
कृषि सम्बन्धी अनुसंधान केंद्र पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी लगभग तीन घंटे से अधिक समय किसानों ग्रामीणों ओर कृषि वैज्ञानिक के साथ रहे और बताया कि वे स्वयं भी किसान हैं ।
जावद नीमच के साहित्यकार जमनेश नागौरी ने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री चौधरी को अपनी पुस्तकें मिट्टी की महक ओर अक्षर अक्षर आलोक सम्मान सहित भेंट की
*केंद्रीय मंत्री की सरलता और बड़प्पन*
मन्दसौर के सिपानी कृषि अनुसंधान केंद्र के स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी राजस्थानी साफा सिर पर धारण कर पहुंचे और जब कार्यक्रम में उनके स्वागत सम्मान में मालवी लहरिया साफा सिर पर धारण करने की बात आई तो केंद्रीय मंत्री ने अपने सिर पे सजे साफे को सम्मान सहित मंदसौर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक नरेंद्र सिंह सिपानी के सिर पर धारण करते हुए गुणों की प्रशंसा की ओर कहा कि किसानों के हित में कार्य करने पर इनका सम्मान करना चाहिए , मंच पर ही प्रस्तुत मालवी लहरिया साफा स्वयं अपने हाथों से सिर पर धारण कर लिया। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों किसानों ग्रामीणों व्यापारियों नागरिकों ने जमकर सराहा और करतल ध्वनि के साथ केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी के प्रति आभार और धन्यवाद व्यक्त किया ।





