बेटे की हत्या के आरोप से पिता बरी, दोषी राजेंद्र यादव को उम्रकैद

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बेटे की हत्या के आरोप से पिता बरी, दोषी राजेंद्र यादव को उम्रकैद

पन्ना : पन्ना के विशेष न्यायालय ने अजयगढ़ थाना क्षेत्र में करीब साढ़े 5 साल पहले गोली मार कर हुई गजराज सिंह हत्या और उसके भाई देवी सिंह पर कातिलाना हमले के जुर्म से उसके पिता प्रह्लाद सिंह को बरी कर दिया वहीं हीरापुर टपरियन पन्ना के राजेन्द्र सिंह यादव को दोषी पाते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।

जिला अभियोजन संचालनालय पन्ना के सहायक मीडिया प्रभारी रोहित गुप्ता के अनुसार 3 अगस्त 2020 को देवी सिंह राजगौंड़ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में देहाती नालसी रिपोर्ट में बताया कि 2 अगस्त 2020 को शाम करीब 5 बजे उसके पिता प्रहलाद सिंह हीरापुर पन्ना से हमारे घर औरेया आए तथा गजराज सिंह बोले कि तुमने नसीम भाईजान पन्ना वालों के पैसे अभी तक वापस क्यों नहीं किए तो इस पर गजराज ने कहा कि अभी उसके पास पैसे नहीं है वह मजदूरी करके पैसे वापस कर देगा। इसी बात पर उसके पिता प्रहलाद तथा भाई गजराज का विवाद हो गया था, तब जाते समय पिता प्रहलाद ने गजराज से कहा कि तुझे देख लूंगा।

इस घटना के बाद सभी लोग खाना खाकर रात में सो गए थे तथा भाई गजराज आंगनबाड़ी केन्द्र के बाहर खटिया पर सोया था। रात लगभग 1 बजे उसे गाली-गलौज की आवाज सुनायी दी। आवाज सुनकर वह, उसकी मां एवं भाई विकम आए तथा घर के बाहर लगे खंबे की लाइट के उजाले में देखा कि पिता प्रहलाद व उनके साथ हीरापुर टपरियन पन्ना का राजेन्द्र सिंह यादव बंदूक लिए था। पिता प्रहलाद ने राजेन्द्र सिंह से कहा कि यही है गजराज इसे जान से मार दो, इस पर राजेन्द्र सिंह ने गजराज पर फायर किया। जब उसने राजेन्द्र सिंह को ललकारा तो राजेन्द्र सिंह ने उस पर फायर कर दिया वह बचकर अंधेरे की तरफ भाग कर छिप गया। आरोपीगण के जाने के बाद जब गजराज को देखा तो उसको गोली लगने से खून बह रहा था तथा वह बोल नहीं पा रहा था, लेकिन उसकी सांस चल रही थी। वह अपने छोटे भाई विकम के साथ गजराज को मोटर साइकिल में बैठाकर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल अजयगढ़ लेकर आये, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इस देहाती नालिसी रिपोर्ट पर आरोपीगण के विरूद्ध पुलिस थाना अजयगढ़ में अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (पी.ए.) एक्ट प्रदीप कुशवाह के न्यायालय मे प्रकरण का विचारण हुआ। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीराम यादव ने की। अभियोजन द्वारा साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लेखबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी राजेन्द्र सिंह यादव के विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया तथा आरोपी को कठोरतम दंड से दंडित करने का अनुरोध किया। अभिलेख पर आई साक्ष्य, अभियोजन के तर्को एवं न्यायिक दृष्टांतो से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी राजेन्द्र सिंह यादव को धारा 302 भादंसं. में आजीवन कारावास, 1000 रूपये का अर्थदण्ड, धारा 3(2)(वी) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 1000 रूपए के अर्थदण्ड, धारा 201 भादंसं. में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। देवी सिंह की हत्या के प्रयास के अपराध में भी राजेन्द्र सिंह को धारा 3(2)(वी) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 1000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। वहीं साक्ष्य के आधार पर मृतक के पिता प्रहलाद सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।