

Fire After Explosions at a Firecracker Factory : बनासकांठा की पटाखा फैक्ट्री में धमाकों के बाद आग लगी, 17 मजदूरों की मौत, कई घायल!
Banaskantha (Gujrat) : मंगलवार सुबह करीब 9 बजे यहां धुनवा रोड पर एक पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद आग लगने से 17 मजदूरों की मौत हो गई। हादसे में कई घायल भी हुए, इनमें 4 की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद कई विस्फोट हुए। इस वजह से डीसा कस्बे के पास स्थित फैक्ट्री के कुछ हिस्से ढह गए। मलबे में कई श्रमिकों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया कि मृतकों में मध्यप्रदेश के मजदूर भी हैं।
डीसा ग्रामीण पुलिस थाने के निरीक्षक विजय चौधरी ने बताया कि डीसा नगर पालिका के अग्निशमनकर्मी मलबे में फंसे श्रमिकों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। घटनास्थल बचाव कार्य में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। इससे पहले जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया था कि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। छह अन्य घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम का मलबा 200 मीटर दूर तक उछला। मृत श्रमिकों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। आग कांड के बाद जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया गया।
बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि आज सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की सूचना मिली।अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घटना स्थल पर ही 17 श्रमिकों की मौत हो गई। 4 गंभीर घायल श्रमिकों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का स्लैब ढह गया। हम मलबे में दबे किसी भी व्यक्ति को बचाने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का स्लैब ढह गया।
सीएम यादव ने दुख व्यक्त किया
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गुजरात के बनासकांठा की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में मध्य प्रदेश के मजदूरों के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का गुजरात सरकार से घटना के संबंध में लगातार संपर्क बना हुआ है। श्रमिकों की सहायता और परिवारों की मदद के लिए सभी आवश्यक प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से असमय दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।