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फायर ब्रिगेड के एसपी आरएस निगवाल (RS Nigwal) भी मौके पर पहुंचे। एसपी ने आग के विकराल रूप को देखते हुए आसपास के करीब एक दर्जन के लगभग घरों को खाली कराया। यहां परिवारों को बाहर निकालकर उन्हें रैन बसेरा और आसपास के व्यवस्थित स्थानों पर भेजा गया। जीएनटी मार्केट में लकड़ियों का बड़े स्तर पर व्यापार किया जाता है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले राहत और बचाव का काम शुरू कर अंदर मौजूद करीब 10 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।

फायर पुलिस के अधिकारियों के साथ लक्ष्मीबाई नगर, टिम्बर मार्केट, मोती तबेला और गांधी हाल की टीम मौके पर पहुंच रातभर आग बुझाने के प्रयास करती रही। अंततः शुक्रवार सुबह तक आग पर काबू पाया गया। आग लगने से करोड़ों का माल जल जाने की आशंका है। फायर पुलिस, आगजनी की घटना के बाद अब नुकसान का आंकलन करने में जुट गई। फायर एसपी आर.एस. निंगवाल ने बताया कि वैष्णव और पटेल टिम्बर के दो गोदामों में आग लगी है। आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन 50 टन से ज्यादा लकड़ी व फर्नीचर का नुकसान प्रारंभिक तौर पर सामने आया है। 6 फायर गाड़ियों और 5 पानी टैंकर आग बुझाने में लगे है। गोदामों में रखे 3 दोपहिया वाहन भी जलकर खाक हो गए।
एक करोड़ का नुकसान अनुमानित
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक इस आग में तीन मार्केट पुरी तरह से जल गए हैं। अभी भी काफी धुआं यहां निकल रहा है। यहां आग लगने का कारण तो सामने नहीं आया, लेकिन करीब एक करोड़ के नुकसान का अनुमान है। आग बुझाने के चलते यहां फायर के एसपी रामसिंह निगवाल भी घायल हो गए। बताया जाता है कि उनके हाथ में चोट आई है।