
Former IPS Amitabh Kumar Das Arrested: NEET छात्रा मौत मामले में बयान के बाद पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Patna: पटना बिहार के चर्चित NEET छात्रा मौत प्रकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास को पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उनके उन सार्वजनिक बयानों के बाद हुई, जिनमें उन्होंने इस संवेदनशील मामले की जांच, प्रशासनिक भूमिका और कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। पहले से संवेदनशील यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
● क्या है पूरा मामला
जनवरी 2026 में पटना के एक छात्रावास में NEET की तैयारी कर रही छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश मिली थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक स्तर पर इसे आत्महत्या का मामला बताया गया, लेकिन परिवार ने इसे संदिग्ध बताते हुए हत्या और संभावित दुष्कर्म की आशंका जताई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य तथ्यों के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। परिजनों के दबाव और बढ़ते जनाक्रोश के बीच जांच को उच्च स्तर पर ले जाया गया और बाद में इसे केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया गया।

● अमिताभ कुमार दास के बयान से बढ़ा विवाद
पूर्व आईपीएस अमिताभ कुमार दास ने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले पर खुलकर टिप्पणी की। उन्होंने जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और कुछ प्रभावशाली नामों का उल्लेख करते हुए डीएनए जांच जैसी मांग सार्वजनिक रूप से रखी। उनके बयानों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। पुलिस का कहना है कि उनके वक्तव्यों से भ्रम की स्थिति बनी और जांच प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई।
● गिरफ्तारी कैसे और क्यों हुई
पटना पुलिस ने उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। आरोप है कि उन्होंने अपुष्ट और संवेदनशील तथ्यों को सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया। इसके बाद पुलिस टीम ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया और औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के अनुसार उनके डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बयान किस आधार पर दिए गए थे।
● जांच दो स्तरों पर जारी
यह मामला अब दो समानांतर दिशाओं में आगे बढ़ रहा है। एक ओर छात्रा की मौत की मूल जांच जारी है, जिसमें घटना के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। दूसरी ओर पूर्व आईपीएस अधिकारी के बयानों को लेकर अलग कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस घटनाक्रम ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, जांच की गोपनीयता और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
● आगे क्या
मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आगे की दिशा तय करेंगी। फिलहाल पटना में यह प्रकरण व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।





