संस्कृत एवं वेदिक विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह हुआ संपन्न

इसरो के अध्यक्ष श्रीधर सोमनाथ ने विद्यार्थियों को दी उपाधि

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संस्कृत एवं वेदिक विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह हुआ संपन्न

उज्जैन। उज्जैन में महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वेदिक विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह का आयोजन आज बुधवार को विक्रम कीर्ति मंदिर के सभागार में संपन्न हुआ। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव तथा सारस्वत अतिथि के रुप में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ श्रीधर सोमनाथ थे। विशिष्ट अतिथि सांसद अनिल फिरोजिया पूर्व मंत्री पारस जैन थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफ़ेसर विजय कुमार सी जी ने की। महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वेदिक विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में स्नातक,स्नातकोत्तर, डिप्लोमा सहित अन्य पाठ्यक्रम के 166 विद्यार्थीयों को दीक्षांत समारोह में उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा विभिन्न स्तर पर प्रथम द्वितीय एवं प्रति स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पदक भी प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय में यह पहला अवसर था जब कोई वैज्ञानिक संस्कृत के विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में भाषण देने आए। इसरो के अध्यक्ष ने कहा कि साइंस और इंजीनियरिंग के लिए संस्कृत का बहुत योगदान है। हमें संस्कृत के प्रचार के लिए कार्य करना चाहिए उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि संस्कृत से हम टेक्नोलॉजी के बारे में कम्युनिकेशन कर सकते हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा चंद्रयान 3 अगले माह या अगस्त माह में लांच किया जाएगा।

डॉ सोमनाथ ने किये भगवान महाकालेश्वर के दर्शन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष डॉ श्रीधर सोमनाथ ने दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने के पूर्व उज्जेन में भगवान से महाकालेश्वर का पूजन अर्चन किया। पूजन अर्चन पुजारी पंडित रमन गुरु एवं पंडित दिलीप गुरु ने करवाया। इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से डॉ सोमनाथ का स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया। डॉ श्रीधर सोमनाथ ने महाकाल लोक का भी भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि महाकाल धाम अद्भुत एवं अलौकिक है।इसरो के अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ ने कहा कि महाकाल के नाम से अंतरिक्ष में सेटेलाइट की स्थापना भी की जाएगी।