रोज डे से वैलेंटाइन डे: प्यार का फैशन और बर्बाद होती ज़िंदगी

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रोज डे से वैलेंटाइन डे: प्यार का फैशन और बर्बाद होती ज़िंदगी

▪️राजेश जयंत▪️

❤️फरवरी आते ही सोशल मीडिया और शहरों में एक अजीब सा शोर मच जाता है। रोज डे, प्रॉमिस डे, हग डे और अंत में वैलेंटाइन डे—लाल गुलाब, महंगे गिफ्ट, रोमांटिक पोस्ट, स्टेटस अपडेट्स। सब एक ही धुन पर नाच रहे हैं: “प्यार दिखाओ, लाइक पाओ।” लेकिन सच यह है कि यह प्यार नहीं, फैशन है। एक ऐसा फैशन जो आपके भविष्य को चबा जाता है।

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❤️भारतीय पृष्ठभूमि में प्यार हमेशा समझदारी, सम्मान और रिश्तों के संतुलन के साथ था। परिवार, माता-पिता, भाई-बहन, दोस्त—सभी रिश्तों का सम्मान किया जाता था। आज का पाश्चात्य प्रेम मॉडल? सिर्फ चमक-धमक और लाइक्स का खेल। लड़के-लड़कियां एक-दूसरे में इस हद तक उलझ जाते हैं कि परिवार, पढ़ाई, करियर- सब पीछे छूट जाता है।

और यही वह समय है जब उन्हें लगता है कि प्यार ही सब कुछ है। लेकिन रुकिए, वही प्यार जल्दी ही बदल जाता है। झूठ, धोखा, फरेब और दिखावा सामने आते हैं। वह लड़की या लड़का, जिसे वे अपना सब कुछ समझ रहे थे, अचानक पराया और अकेला दिखता है। भारतीय रिश्तों की गहराई और विश्वास? गायब। केवल फेक रोमांस और सोशल मीडिया की चमक बचती है।

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❤️सोशल मीडिया का जाल इतना मजबूत है कि युवा रात-रात भर चैटिंग, वीडियो कॉल और पोस्ट में डूबकर अपनी पढ़ाई और करियर भूल जाते हैं। महीने बीतते हैं, साल बीतते हैं, अवसर हाथ से निकल जाते हैं, और जब अहसास होता है, तब तक बचता है सिर्फ खोया हुआ समय और बर्बाद भविष्य।

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❤️सोचिए, रोज डे पर गुलाब, प्रॉमिस डे पर वादे, हग डे पर झूठी मिठास, और वैलेंटाइन डे पर गिफ्ट- सब केवल डिस्प्ले और दिखावा। प्यार जो कभी भारतीय संस्कृति में शिक्षा और परिपक्वता के साथ जुड़ा था, आज सिर्फ फोटो और लाइक के लिए जीया जाता है।

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❤️यह कहानी हर शहर, कॉलेज और सोशल मीडिया ग्रुप में आम हो गई है। लड़का जो एग्ज़ाम, तैयारी और करियर छोड़कर केवल प्रेम स्टेटस और फोटो में डूबा रहता है, उसे बाद में एहसास होता है कि जो हासिल होना चाहिए था, वह हाथ से निकल गया। लड़की जो अपने भविष्य और शिक्षा को पीछे छोड़कर रिलेशनशिप में लगी रहती है, उसे कल सिर्फ पछतावा और अकेलापन मिलता है।

❤️कड़वा सच यह है कि आज का “प्यार” सिर्फ तुरंत संतुष्टि और दिखावा है। माता-पिता की चिंता, भाई-बहन का प्यार, परिवार का मार्गदर्शन- सब पीछे छूट जाता है। “किस-किस से प्यार करूं?”- यही भ्रम उन्हें पूरी तरह उलझा देता है। हर नया चेहरा, हर नया चैट, हर नया पोस्ट उन्हें भटका देता है।

❤️असली प्यार वही है जो आपके जीवन को मजबूत बनाए, आपके भविष्य को नहीं तोड़े। वैलेंटाइन डे केवल गुलाब और गिफ्ट का दिन नहीं है। यह सोचने का दिन है कि क्या आप अपने प्यार और भविष्य के बीच संतुलन बनाए हुए हैं। क्या आप अपने माता-पिता, भाई-बहन और दोस्तों को किनारे कर रहे हैं? क्या आप अपने करियर और पढ़ाई को पीछे छोड़कर सिर्फ दिखावे में फंसे हैं?

❤️इस वैलेंटाइन डे पर सोशल मीडिया का झूठा प्यार छोड़ो। अपने भविष्य, करियर और परिवार को संभालो। सच्चा प्यार इंतजार कर सकता है। यह आपके मजबूत होने का इंतजार करता है। वही प्यार टिकता है, वही प्यार देता है सम्मान, आत्मसम्मान और स्थायी खुशी।