IAS अधिकारी बनकर किया पिता का अधूरा सपना पूरा, UPSC क्लियर करने के लिए ध्यान में रखी थी ये बातें

316

IAS अधिकारी बनकर किया पिता का अधूरा सपना पूरा, UPSC क्लियर करने के लिए ध्यान में रखी थी ये बातें

UPSC Success story: यूपीएससी की परीक्षा मुश्किल परीक्षा में से एक होती है, ये तो हम सभी जानते हैं। वहीं इस परीक्षा में सफल होने के उम्मीदवार को दिन रात एक करने पड़ते हैं। आज हम आपको ऐसे शख्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में 19 रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है।

इन शख्स का नाम श्रेष्ठ अनुपम हैं। साल 2020 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 19वीं रैंक हासिल की थी। यूपीएससी की परीक्षा क्लियर करने से पहले उन्होंने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वहीं उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर से हासिल की है। उन्होंने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई सेंट जोसेफ हाई स्कूल भागलपुर से पूरी की है।

श्रेष्ठ अनुपम ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ”मैं सिलेबस कवर करने के लिए रोजाना 10 से 15 घंटे पढ़ाई करता था। मनोरंजन के लिए, मैं नोवेल पढ़ता था लेकिन मैंने अपना अधिकांश समय पढ़ाई को ही दिया है”

किया पिता का अधूरा सपना पूरा

श्रेष्ठ अनुपम के पिता दिलिप कुमार अमर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से आर्ट्स में पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं उनकी मां ने साइंस स्ट्रीम में मास्टर्स की डिग्री ली है। ऐसे में श्रेष्ठ के घर में शिक्षा को काफी महत्व दिया जाता था।

उनके पिता एक इंटरव्यू में बताया था कि, ”यूपीएससी क्रैक करना मेरा सपना था जो अधूरा रह गया। मैंने अपने छात्र जीवन के दौरान सिविल सेवा परीक्षा का प्रयास किया था लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मेरे बेटे ने मेरी इच्छा पूरी कर दी। मुझे उसकी सफलता पर गर्व है और मैं उसकी सफलता के साथ अपना सपना जी रहा हूं।”

श्रेष्ठा ने कहा, ”मेरी मां ने मुझे हमेशा कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया करती थी। मैंने ईमानदारी से अपने पिता के लिए परीक्षा की तैयारी की। मैं उसे खुश और संतुष्ट देखकर खुश हूं।”

श्रेष्ठ ने UPSC की तैयारी के दौरान इन बातों का रखा खास ध्यान

श्रेष्ठ अनुपम कहते हैं कि UPSC की परीक्षा की तैयारी मुश्किल है, लेकिन इस तैयारी के दौरान मुझे कुछ बातों ने काफी कुछ सिखाया। उनमें से एक है, “गलतियों से सीखना और उन्हें दोबारा न दोहराना” वहीं दूसरी बात ये है कि उत्तर लिखते समय एक्सप्रेसिव राइटिंग स्टाइल होना जरूरी है, जो शब्दों के जरिए आपकी भावना को उत्तर के माध्यम से दर्शा सके। इसी के साथ उन्होंने बताया कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए 1-2 साल की फुल टाइम तैयारी करना जरूरी होता है। तब जाकर उम्मीदवार इस परीक्षा में सफल हो सकते हैं।