उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का गजट नोटिफिकेशन जारी,उज्जैन, इंदौर, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम 6 जिलों के हिस्से शामिल हैं UIMR में

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उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का गजट नोटिफिकेशन जारी,उज्जैन, इंदौर, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम 6 जिलों के हिस्से शामिल हैं UIMR में

इन जिलों की 80-90 लाख आबादी के हिसाब से प्लानिंग की जाएगी,आगामी छह माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार किया जाएगा

कीर्ति राणा की खास रिपोर्ट

उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की इन ढाई वर्षों के कार्यकाल में छह जिलों को मिलाकर बनाए गए मेट्रोपॉलिटन रीजन का गजट नोटिफिकेशन उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन
(UIMR) के नाम से किये जाने की बड़ी उपलब्धि भी दर्ज हो गई है। जब से इन छह जिलों को एकजाई कर मेट्रोपॉलिटन रीजन का रूप देने की कवायद शुरु हुई थी तब से इसकी बैठकों में इंदौर के प्रभारी मंत्री की हैसियत से मोहन यादव शामिल रहे थे। इन बैठकों में इंदौर के नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से बैठकों में शामिल रहने वाले औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि और प्रबुद्धजन अनुरोध करते रहे थे कि इसका जब स्वरूप फायनल होकर गजट नोटिफिकेशन की स्थिति बने तो पहले इंदौर का नाम रहे क्यों कि इसमें लगभग शतप्रतिशत हिस्सा इंदौर का शामिल रहना है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं, उन्होंने सभी के विचारों को मेट्रोपॉलिटन रीजन संबंधी बैठकों में सुना भी सही। अब जो राजपत्र में प्रकाशन हुआ है उसमें नामकरण उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) के नाम से हुआ है। गजट में नोटिफिकेशन का मतलब है अब किसी तरह का परिवर्तन की संभावना नहीं बची है। इसके साथ ही इंदौर, उज्जैन सहित छह जिलों की 75.34 लाख आबादी के लिए अब साझा क्षेत्रीय विकास की योजना लागू की जा सकेगी।

मध्य प्रदेश सरकार के इस मेगा प्रोजेक्ट से इस रीजन के हजारों गांवों का विकास रफ्तार पकड़ेगा। इंदौर, देवास, उज्जैन, धार, शाजापुर रतलाम की 38 तहसीलों और 2781 गांवों को शामिल किया है। 4 चरण में इन्हें विकसित किया जाएगा। नोटिफिकेशन में सभी तहसीलों के गांवों के नाम दर्शाए गए हैं। इस आधार पर अलग-अलग सेक्टर की प्लानिंग होगी। कंसल्टेंट को प्लानिंग का काम दिया है। मेहता कंसल्टेंट ने इंदौर विकास प्राधिकरण को इंस्पेक्शन रिपोर्ट सौंप दी है। 80-90 लाख आबादी के हिसाब से प्लानिंग की जाएगी।

UIMR में शामिल हैं ये छह जिले
मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिलों के चयनित हिस्सों को शामिल किया गया है। इन छह जिलों की 38 तहसीलों के 2781 गांवों का 16000.88 स्क्वायर किमी क्षेत्र रीजन का हिस्सा होगा। इसके साथ ही अब रीजन के क्षेत्र में बदलाव नहीं हो सकेगा। अगले छह माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार होगा। रीजन की सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक, औद्योगिक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना का विस्तृत अध्ययन होगा।

किस जिले का कितना हिस्सा शामिल
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिलों के चयनित हिस्सों को शामिल किया गया है।
इंदौर का शत-प्रतिशत हिस्सा
उज्जैन जिले का 59 प्रतिशत,
देवास का 41 प्रतिशत,
शाजापुर का 90 प्रतिशत,
रतलाम का 22 प्रतिशत
धार का 18 प्रतिशत क्षेत्र ।
क्षेत्रीय विकास, मास्टर प्लान, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, औद्योगिक निवेश और पर्यावरणीय संतुलन के लिए एक साझा रणनीति बनाई जाएगी। रीजन में इंदौर और उज्जैन विकास के प्रमुख केंद्र होंगे।

*पूरी योजना चरणबद्ध तरीके से रूप लेगी *
मेट्रोपॉलिटन रीजन को विकसित करने की पहले चरण में इंसेप्शन रिपोर्ट तैयार की गई है। दूसरे चरण में सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आगामी छह माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। तीसरे चरण में परियोजनाओं की रूपरेखा और निवेश आधारित योजनाएं तय होंगी, जबकि चौथे चरण में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद प्रस्तावित योजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।

*UIMR में 7 नेशनल, 14 स्टेट हाइवे शामिल *
रीजन में वर्तमान में 996 किमी लंबे सात नेशनल हाईवे और 468 किमी के 14 स्टेट हाईवे हैं। वहीं नागदा-उज्जैन, उज्जैन-मक्सी, उज्जैन-देवास-इंदौर-महू, इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम रेल रूट हैं।
वहीं इंदौर-धार और महू-सनावद, महू-मनमाड, मांगलिया-बुधनी रेल रूट का निर्माण जारी है। वहीं दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से भी रीजन जुड़ रहा है। इससे उद्योग, रियल एस्टेट, पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़े निवेश आएंगे। मेट्रोपॉलिटन रीजन में परिवहन नेटवर्क का सही उपयोग कर औद्योगिक विकास पर फोकस किया जाएगा। रेल और सड़क नेटवर्क का उपयोग कर पूरे रीजन का समग्र विकास होगा।

UIMR क्षेत्र की खासियतें
16000.88 वर्ग किमी क्षेत्रफल
75.34 लाख आबादी
38 तहसीलें
2781 गांव
35 अर्बन लोकल बॉडीज
सात नेशनल हाईवे
14 स्टेट हाईवे
क्या होगा फायदा?
छह जिलों वाले UIMR का साझा विजन तैयार किया जा सकेगा। परिवहन, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। अनियोजित विकास पर रोक लगेगी और समग्र विकास होगा। दीर्घकालिक विकास योजनाएं बनाई जाएंगी। निवेश और औद्योगिक नेटवर्क बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। भूमि उपयोग और पर्यावरण संरक्षण की एकीकृत नीति बनेगी। तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को व्यवस्थित दिशा मिलेगी।

दो साल में ऐसे बढ़ता गया क्षेत्र *
मेट्रोपॉलिटन रीजन की जब जनवरी 24 में पहली बैठक 2024 में हुई थी तब छह हजार वर्ग किमी क्षेत्र तय किया गया था। अगस्त 2024 में हुई बैठक में यह क्षेत्र बढ़ा कर 8676 वर्ग किमी हुआ। मई 2025 में यह क्षेत्र बढ़ कर 9989.69 वर्ग किमी, दिसंबर 2025 में: 14550 वर्ग किमी और जनवरी 2026 में छह जिलों वाले इस यूआइएमआर का क्षेत्र 16000.88 वर्ग किमी का एरिया फायनल किया गया। इसके आधार पर आगे प्लानिंग होगी।