भगवान या सरकार ?

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भगवान या सरकार ?

डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी.

क्या आप आईजी को हवलदार बोलते हैं? क्या आर्मी चीफ को सूबेदार कहा जा सकता है? क्या कोई कलेक्टर को पटवारी कह सकता है? तो फिर बेचारे भगवानों को ही डी ग्रेड क्यों किया जाता है?

हनुमान जयंती थी 2 अप्रैल को। कई निमंत्रण मिले, लिखा था फलां सरकार की जयंती पर आमंत्रित हैं …..।

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भिया, बता दो कि पवनपुत्र हनुमान जी को आप भगवान मानते हैं या सरकार? सरकार और भगवान में कौन बड़ा है? ईश्वर को सर्वोच्च माना जाता है। ईश्वर शाश्वत होते हैं। सरकारें तो आती- जाती रहती हैं।

भगवान राम, कृष्ण, हनुमान, शिव, दुर्गा – सबके नाम पर ‘जय’ लगती थी, ‘हर हर’ लगता था, ‘श्री’ लगता था। लेकिन आजकल भगवानों के नाम के आगे सरकार लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है।

मेरी राय में बाबा बॉबी को सरकार कहा जा सकता है। अपनी निजी लुगाई को भी लोग सरकार कहते हैं। वो कुछ लोगों की होती भी है, लेकिन क्या भगवान को सरकार कहना भगवान की प्रतिष्ठा कम करना नहीं? क्या भगवान किसी सरकार के बराबर हैं? क्या भगवान का कोई मंत्रिमंडल है?

कुछ भक्त राम जी को ‘राघवेंद्र सरकार’ पुकारते हैं। ठीक है कि भगवान राम अयोध्या के राजा थे, लेकिन क्या वे केवल राजा ही थे?

‘सरकार’ फारसी भाषा का शब्द है। इसका शाब्दिक अर्थ है : सर यानी प्रधान + कार यानी कार्यों का प्रधान। यह प्रशासनिक सम्मान-सूचक था। मुगल साम्राज्य में जमींदारों, राजस्व अधिकारियों और उच्च पदाधिकारियों को भी चमचागीरी में सरकार कहा जाता था। ब्रिटिश काल में आम लोग अंग्रेजी सरकार को कंपनी सरकार या अंग्रेज सरकार कहते थे।

क्यों बोलते हो हनुमान जी को ‘सरकार हनुमान’ , बालाजी को ‘बालाजी सरकार’? क्या भगवान को भी अब सरकारी ओहदा चाहिए? या फिर हम इतने सरकारी हो गए हैं कि बिना ‘सरकार’ बोले सम्मान ही नहीं लगता?

सच कहूँ तो जिस चीज से हम सबसे ज्यादा डरते हैं या जिससे सबसे ज्यादा उम्मीद लगाते हैं, उसी को हम ‘सरकार’ कहने लगते हैं।

क्या लोग भगवान को इतना छोटा समझने लगे हैं कि उन्हें ‘सरकार’ का टैग लगाकर बड़ा बनाने की कोशिश कर रहे हैं? या फिर हमारी आस्था अब धर्म से ज्यादा सरकार पर निर्भर होने लगी है?

ये क्या भक्ति का स्टाइल हो गया कि भगवान को ‘सरकार’ कहो। मैं कहता हूँ कि सरकार कहने की जरूरत नहीं, वो तो पहले से ही हम सबका मालिक है।

आप क्या सोचते हैं?