GPF Scam: केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में 12 करोड़ का GPF घोटाला

FIR के बाद जेल कर्मचारी परिवार सहित फरार: गिरफ्तारी के बाद होंगे कई खुलासे

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GPF Scam: केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में 12 करोड़ का GPF घोटाला

उज्जैन से सुदर्शन सोनी की रिपोर्ट

उज्जैन। विगत कई वर्षों से विवादों का केंद्र बनती जा रही सेंट्रल जेल भैरवगढ़ उज्जैन का नाम फिर सुर्खियों में है। यहाँ  एक और संनसनीखेज़ मामला सामने आया है जिसमें जेल कर्मचारी द्वारा जेल में कार्यरत अन्य कर्मचारियों की जमा जीपीएफ राशि में हेर-फेर कर चूना लगाया जा रहा था।

बताया गया है कि यह करामात वर्ष 2018 से चल रही थी मगर वरिष्ठ एवम् संबंधित अधिकारियों को इस हेरा-फेरी की भनक तक नहीं लगी।

जेल के मुख्य प्रहरी एस के चतुर्वेदी और महिला प्रहरी उषा कौशल के खातों से 22 लाख रुपये अवैध तरीके से निकाल लिए गये थे, जिसका उन्हें पता ही नहीं था। मामले में जेल के लेखा विभाग में कार्यरत कर्मचारी रिपुदमन पर भैरवगढ़ थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया गया है। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने जेल मुख्यालय भोपाल को पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए पत्र भी लिखा था। मामले मे जिला अतिरिक्त कोषालय अधिकारी सुरेंद्र पिता मुन्नालाल भामर ने जेल में पदस्थ कर्मचारी रिपुदमन सिंह पिता दिनेश के खिलाफ भैरवगढ़ थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। बताया जा रहा है कि आरोपी बाबू रिपुदमन घर में ताला लगा कर परिवार सहित फरार हो गया है। पुलिस ने आरोपी बाबू के घर नोटिस चस्पा कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने कहा जीपीएफ फंड के करोड़ों रुपयों की राशि के हेरफेर का यह मामला गंभीर है, जेल के लेखा विभाग में कार्यरत आरोपी बाबू की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे घोटाले की परतें खुलेंगी यदि इस मामले में अन्य सहयोगियों की लिप्तता पाई जाती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।

पाँच सदस्यों का विशेष जाँच दल उज्जैन पहुंचा

केंद्रीय जेल भैरवगढ़ उज्जैन में हुए 12 करोड़ के ग़बन व हेराफेरी के इस गंभीर मामले को लेकर हुई शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेकर जेल मुख्यालय भोपाल द्वारा पाँच सदस्यों का विशेष जाँच दल गठित कर तत्काल उज्जैन रवाना किया गया। इस जांच दल में डीआईजी जेल मंशाराम पटेल, संयुक्त संचालक वित्त रमेश चंदेवाल, अनुज्ञा अधिकारी अब्दुल रहमान खान, सह लेखा परी अधिकारी अमृत हलवे, रेवत सिंह मरावी आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल को शीघ्र ही जेल मुख्यालय को अनुसंशा सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।