
Gruesome: पेंच नेशनल पार्क में महुआ बीनने गए महेंद्र की बाघ के हमले से मौत, शरीर का कुछ हिस्सा भी खा गया बाघ!
गणेश पांडे की विशेष रिपोर्ट
भोपाल। पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन से एक वीभत्स तस्वीर सामने आई है। बुधवार को नाहरझिर टोला थाना बिछुआ जिला छिंदवाड़ा निवासी महेन्द्र उर्फ महेश पिता शंभू मांड़ेकर उम्र लमभग 41 वर्ष सुबह 7 बजे के समय घर से अकेले महुआ बिनने के लिए जंगल में गये थे। महुआ बीनते वक़्त टाइगर ने उन पर हमला कर मार डाला। बाघ मृतक के शरीर का कुछ हिस्सा भी खा गया।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने उनके परिवारजनों को आर्थिक मुआवजा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब दोपहर 1 बजे तक महेन्द्र के घर पर नही पहुंचने से परिवारजन जंगल की ओर गये। महेन्द्र के पिता ने बताया की उन्होंने एक बाघ को घटनास्थल पर देखा। घटनास्थल पर महेन्द्र की बाघ द्वारा हमले में मृत्यु हो चुकी थी। यह घटना पेंच टाइगर रिजर्व के छिंदवाड़ा क्षेत्र अंतर्गत कुंभपानी वन परिक्षेत्र में बीट रमपुरी के कक्ष क्रमांक 1399 में घटित हुई।
घटना की सूचना मृतक के परिवारजन द्वारा पेंच टाइगर रिजर्व को दोपहर लगभग 2:00 बजे दी गई। घटना की सूचना पर टाइगर रिजर्व का स्टाफ एवं पुलिस थाना बिछुआ के पुलिसकर्मी स्टाफ द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। प्रथमदृष्टया किसी बड़े मांसाहारी वन्यप्राणी (संभवतः बाघ) द्वारा घटना कारित किया जाना पाया गया।
तत्पश्चात मौके की कार्यवाही पूर्ण कर मृतक का शव पोस्टमार्टम हेतु सिविल अस्पताल बिछुआ भेजा गया। टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा शासन के नियम अनुसार मृतक के परिवार को सहायता राशि प्रदान की जा रही है।





