पत्रकार के लिये प्रोटोकाल को दरकिनार किया महामहिम ने!

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पत्रकार के लिये प्रोटोकाल को दरकिनार किया महामहिम ने!

राज्यपाल ने पूछा स्वच्छता का विषय कैसे ले लिया, हाथ मिलाया, स्वच्छता में इंदौर अपने मुकाम पर कायम रहे यह कामना की

कीर्ति राणा की रिपोर्ट

ऐसा बहुत कम ही होता है कि राज्यपाल, राष्ट्रपति आदि जिस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हों उस समारोह का मिनट टू मिनट कार्क्रम तय रहता है-आयोजक तो ठीक खुद मोस्ट वीवीआयपी भी उस गाइड लाइन को नहीं तोड़ते लेकिन देवी अहिल्या विवि के तक्षशिला परिसर में हुए दीक्षांत समारोह में डिग्री वितरण करने आए राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने पत्रकार जितेंद्र जाखेटिया द्वारा पीएचडी के विषय से प्रभावित होकर प्रोटोकाल को दरकिनार कर दिया।
हुआ यूं कि संचालन कर रहीं डॉ यामिनी करमरकर (डायरेक्टर आयआयपीएस) ने पांचवे क्रम पर पांच लड़कियों और जितेंद्र जाखेटिया वाले ग्रुप को मंच पर आने के लिये नाम पुकारा। फोटोसेशन के लिये ये ग्रुप मंच पहुंचा। राज्यपाल के साथ फोटो के बाद जब अभिवादन कर के ये शोधार्थी वापस जा रहे थे कि सांसद शंकर लालवानी ने राज्यपाल को यह जानकारी दी की स्वच्छता पर देश की पहली पीएचडी इंदौर से हुई है और आज आप उस पीएचडी पर डॉक्टरेट की उपाधि से अलंकृत कर रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही राज्यपाल महामहिम मंगू भाई पटेल प्रसन्न हुए।
🔹*महामहिम ने पूछा स्वच्छता का विषय कैसे ले लिया? *
राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा बुलाओ उन्हें। सांसद ने जाखेटिया को बुलाया। राज्यपाल ने हाथ मिलाया और पूछा स्वच्छता का विषय कैसे ले लिया? जाखेटिया का जवाब था चैलेंजिंग था इसलिये लिया। राज्यपाल ने कहा इस बार भी इंदौर स्वच्छता में अपने मुकाम पर कायम रहे। जाखेटिया का जवाब था इंदौर इस बार भी बेस्ट कोशिश कर रहा है।
जाखेटिया ने बताया कि ‘स्वच्छ इंदौर में मीडिया की भूमिका’ विषय पर पीएचडी 5 वर्ष के प्रयास के बाद पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला की विभाग अध्यक्ष डॉ सोनाली नरगुंदे के मार्गदर्शन में की गई है। जाखेटिया के साथ ही इस विभाग के प्रथमेश व्यास और सुरभि खिंची को स्व दिनेश अवस्थी और कोमल सचदेव बीजेएम को स्व सिरेमल बापना स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान किया।
🔹पिछली बार तो राष्ट्रपति के साथ सामूहिक फोटो हो पाया था, इस बार एक घंटे का समय मिला
देअविवि की तत्कालीन कुलपति डॉ रेणु जैन के वक्त राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मु दीक्षांत समारोह की अतिथि थी। राष्ट्रपति के प्रोटोकाल के चलते दो दीक्षार्थी छात्रों का ग्रुप फोटो ही हो पाया था।
राज्यपाल मंगू भाई पटेल के हाथों मंगलवार को हुए दीक्षांत समारोह में वर्ष 22-23, 23-24 (दो साल) के करीब दो सौ शोधार्थियों को अलंकृत किया जाना था। इसलिये राजभवन से तीन घंटे का समय मांगा गया था इसी मुताबिक विवि प्रशासन ने तैयारियां की थी। राजभवन ने दीक्षांत समारोह के लिए एक घंटे का वक्त दिया जाहिर है ऐन वक्त पर विवि को प्रोग्राम में संशोधन करना पड़ा। छात्रों को डिग्री तो पहले ही वितरित कर दी गई, बस 6-6 दीक्षार्थियों को महामहिम के साथ फोटो सेशन की औपचारिकता ही पूरी करना है-यह बता दिया गया था।