Historic Decision : दो अंतर्राज्यीय तस्करों को 31-31 वर्ष की सख्त सजा, NDPC विशेष न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला!

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Historic Decision : दो अंतर्राज्यीय तस्करों को 31-31 वर्ष की सख्त सजा, NDPC विशेष न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला!

Jawad : मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जावद में जावद विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस. एक्ट) विनोद कुमार पाटीदार ने अवैध मादक पदार्थ अफीम की अंतर्राज्यीय तस्करी करने वाले दो तस्करों राजमल 40 उर्फ राजू पिता नारायण सिंह एवं भेरूलाल 28 पिता नाथूलाल भील दोनों निवासी ग्राम दाता, तहसील कपासन, जिला चितौड़गढ़ (राजस्थान) को धारा 8(सी)/18(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 लाख 25 हजार लाख रूपए अर्थदंड एवं धारा 8(सी)/15(सी) के अंतर्गत 11-11 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2 लाख रूपए अर्थदंड इस प्रकार दोनों आरोपियों को 31-31 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3 लाख 25 हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

 

प्रकरण में शासन की और से पैरवी करने वाले सीबीएन के विशेष लोक अभियोजक सुशील ऐरन द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 20 नवबंर 2024 को जिला अफीम अधिकारी नीमच के कार्यालय पर गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि 21 नवम्बर 2022 को अशोक लिलेंड ट्रक में नयागांव के आस-पास से अवैध मादक पदार्थ अफीम व डोडा चूरा की अंतर्राज्यीय तस्करी की जाने वाली हैं। गुप्त सूचना के आधार पर सीबीएन द्वारा निवारक दल का गठन किया गया तथा 21 नवंबर 2022 को सुबह के 5 बजे निवारक दल गुप्त सुचना के अनुसार नयागांव रेल्वे क्रासिंग के पास पहुंचा था। थोडी देर बाद आशोक लिलेंड ट्रक नीमच की और से आता हुआ दिखाई दिया।

 

जिसका पीछा कर उसे नयागांव टोल नाके पर रोका ट्रक को आरोपी राजमल चला रहा था तथा सहचालक की सीट पर आरोपी भैरूलाल बैठा हुआ था। निवारक दल द्वारा कार्यालय उप-नारकोटिक्स आयुक्त नीमच ले जाकर उसकी तलाशी ली गई। जिसमें 581 कट्टे रखे हुए थे। 581 कट्टो में से 375 कट्टों में नमक भरा हुआ था तथा शेष 206 काले रंग के कट्टों में कुल 4109 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा भरा हुआ था व एक हरे रंग की थेली में 5 किलो 100 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम रखी हुई थी। इस प्रकार नमक की आड़ में अफीम एवं डोडा चूरा की अंतर्राज्यीय तस्करी करते हुए उसे जोधपुर (राजस्थान) ले जाया जा रहा था। निवारक दल द्वारा ट्रक सहित अफीम व डोडाचूरा को जप्त किया गया तथा दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।

 

सीबीएन द्वारा तस्करों द्वारा अफीम व डोडा चूरा लाए जाने के संबंध में अनुसंधान जारी रखते हुए दोनों आरोपियों के विरूद्ध अनुसंधान पूर्ण कर परिवाद विशेष न्यायालय, जावद में प्रस्तुत किया गया था। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा सभी महत्वपूर्ण 8 गवाहों के बयान कराकर अवैध मादक पदार्थ अफीम एवं डोडा चूरा की अंतर्राज्यीय तस्करी किए जाने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया और दंड के प्रश्न विषेष लोक अभियोजक द्वारा तर्क रखे गए कि आरोपियों के पास अत्याधिक मात्रा में मादक पदार्थ जिससे सेवन से देश के युवाओं में नशे की प्रवृत्ति फेल रही हैं, इसलिए उनको अधिकतम कारावास एवं जुर्माने के दंड से दंडित किया जाए। विशेष न्यायालय द्वारा तर्काे से सहमत होकर टिप्पणी की गई कि आरोपीगण द्वारा अत्याधिक मात्रा में मादक पदार्थ तस्करी की जा रही थी, जिससे आरोपीगण तस्करी गिरोह के सदस्य होना दर्षित होता हैं। इसलिए आरोपियों को उपरोक्त दंड से दंडित किया गया और दोनों ही कारावास की अवधी को एक के बाद एक/पृथक-पृथक भुगताए जाने का आदेश भी पारित किया गया। प्रकरण में शासन की और से पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुशील ऐरन द्वारा की गई एवं प्रकरण के कुशल संचालन में अधिवक्ता सुश्री दीपशिखा रावल का सराहनीय योगदान रहा!