सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल : शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों की संपत्ति पर दोहरी मार

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सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल : शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों की संपत्ति पर दोहरी मार

Mumbai-Indore: देश की अर्थव्यवस्था इस समय दो बिल्कुल विपरीत तस्वीरें दिखा रही है। एक तरफ सोना और चांदी आसमान छूते दामों के साथ नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ शेयर बाजार में भारी गिरावट ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले कीमती धातुओं की ओर पैसा तेजी से शिफ्ट हो रहा है, जबकि इक्विटी बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार गहराता जा रहा है। चांदी 3 लाख 25 हजार रुपये प्रति किलो के पार निकल चुकी है और सोना डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बेहद करीब पहुंच गया है। इसी बीच सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक टूट गया, जिससे हजारों करोड़ रुपये का बाजार पूंजीकरण साफ हो गया।

सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर : सुरक्षित निवेश की ओर तेज रुख
वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक तेजी से सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। इसका सीधा फायदा सोना और चांदी को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती का असर घरेलू सराफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सोना लगातार नई ऊंचाई छू रहा है और चांदी ने तो अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उद्योग जगत का मानना है कि औद्योगिक मांग और निवेश दोनों के दबाव ने चांदी को असाधारण तेजी दी है।

चांदी 3 लाख 25 हजार पार : औद्योगिक मांग ने बढ़ाई चमक
चांदी की कीमतों में यह उछाल केवल निवेश नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग का भी नतीजा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और ऑटो सेक्टर में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। सप्लाई सीमित है और मांग तेज, ऐसे में कीमतों का उछाल स्वाभाविक माना जा रहा है। सराफा बाजार में चांदी की उपलब्धता पर भी दबाव देखा जा रहा है।

सोना डेढ़ लाख के करीब : महंगाई और अनिश्चितता का असर
सोना हमेशा से महंगाई और संकट के दौर का भरोसेमंद साथी रहा है। मौजूदा हालात में यही ट्रेंड फिर उभरकर सामने आया है। विदेशी निवेशक हों या घरेलू बड़े फंड, सभी पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। यही कारण है कि सोना डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छूने की दहलीज पर खड़ा है।

शेयर बाजार में भारी गिरावट : सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटा
कीमती धातुओं की चमक के उलट शेयर बाजार में अंधेरा छाया हुआ है। सेंसेक्स में करीब 1000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी बड़े स्तर पर फिसला। आईटी, बैंकिंग और मेटल शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।

हजारों करोड़ डूबे : निवेशकों की संपत्ति में बड़ी सेंध
एक ही कारोबारी सत्र में बाजार पूंजीकरण से हजारों करोड़ रुपये साफ हो गए। खासकर छोटे और मझोले निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। जिन निवेशकों ने हालिया तेजी में ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी, वे अब भारी नुकसान में नजर आ रहे हैं।

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में सोना-चांदी के ताजा भाव
मध्य प्रदेश के सराफा बाजारों में भी इस उछाल का असर साफ दिख रहा है।
“रतलाम” में 24 कैरेट सोना लगभग 1 लाख 49 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी करीब 3 लाख 25 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।

“उज्जैन” सराफा बाजार में सोना लगभग 1 लाख 49 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में है और चांदी 3 लाख 24 हजार से 3 लाख 26 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है।

“इंदौर” में सोने के भाव थोड़े प्रीमियम के साथ 1 लाख 50 हजार रुपये के करीब बताए जा रहे हैं, जबकि चांदी यहां भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बनी हुई है।

भोपाल, देवास और धार जैसे शहरों में भी रेट लगभग इसी स्तर के आसपास ट्रेंड कर रहे हैं।

आगे क्या : निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना-चांदी में अभी अस्थिरता बनी रह सकती है और ऊंचे स्तर पर उतार-चढ़ाव संभव है। वहीं शेयर बाजार में भी फिलहाल दबाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे। ऐसे में निवेशकों के लिए संतुलन और सतर्कता सबसे जरूरी है। जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय लंबी अवधि की रणनीति पर टिके रहना ही समझदारी मानी जा रही है।

सोना-चांदी की रिकॉर्ड चमक और शेयर बाजार की गिरावट ने साफ कर दिया है कि यह दौर जोखिम और अवसर दोनों से भरा है। समझदारी उसी की है जो हालात को परखकर सही दिशा में कदम बढ़ाए।