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उन्होंने कहा कि जिले की टीम के साथ मिलकर शासन के निर्देशों के अनुरूप स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। “जिला प्रशासन की भूमिका केवल योजनाएँ लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता का भरोसा जीतने और समस्याओं का ठोस समाधान करने में भी है,” उन्होंने जोड़ा।
उत्तर प्रदेश मूल की जयति सिंह 2016 बैच की IAS अधिकारी हैं और बड़वानी जिले की 23वीं कलेक्टर बनी हैं।
अपने प्रोबेशन काल में वे पहले भी बड़वानी में पदस्थ रही हैं, इसलिए जिले की परिस्थितियों से परिचित हैं।
वे जबलपुर और उज्जैन में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रह चुकी हैं, जहाँ ग्रामीण विकास, पंचायत व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर उन्होंने उल्लेखनीय काम किया।
इससे पूर्व वे ग्वालियर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी कार्य कर चुकी हैं, जहाँ शहरी विकास और आधारभूत ढाँचे को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जयति सिंह अपने सख़्त और प्रभावी प्रशासनिक अंदाज़ के लिए पहचानी जाती हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में 14 IAS अधिकारियों का तबादला किया है और पाँच जिलों के कलेक्टरों की नियुक्ति बदली है। इसी क्रम में जयति सिंह को पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है।
उनके पति शिवम वर्मा (IAS) को इंदौर जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। दिलचस्प तथ्य यह है कि यह IAS दंपति एक ही सम्भाग (इंदौर सम्भाग) के दो महत्वपूर्ण जिलों की कमान संभाल रहे हैं। प्रशासनिक दृष्टि से यह एक अनूठा और प्रेरक उदाहरण माना जा रहा है।

पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर सभागृह बड़वानी में समस्त जिला अधिकारियों की बैठक ली।
उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के भंडारण केंद्र का औचक निरीक्षण कर उर्वरक की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्टॉक पंजी, उर्वरक भंडारण एवं परिसर का निरीक्षण कर समस्त व्यवस्था का अवलोकन किया। साथ ही वितरण में पारदर्शिता एवं कृषकों की प्राथमिक आवश्यकताओ की पूर्ति हेतु हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात कलेक्टर ने छोटी कसरावद स्थित नर्मदा पुल का निरीक्षण कर जलस्तर एवं अन्य व्यवस्थाओ के संबंध में जानकारी प्राप्त कर समुचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए। माँ नर्मदा रोहिणी तीर्थ राजघाट तट पर मां नर्मदा जी के दर्शन कर नमन किया। इस दौरान कलेक्टर ने घाट पर प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं के सम्बंध में जानकारी प्राप्त कर एसडीईआरएफ द्वारा आपदा मित्र एवं सुरक्षाबल के द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं एवं उपलब्ध नावों के सम्बंध में भी जाना।