मोनालिसा और फरमान साथ में आएंगे तो नहीं अपनाएंगे: चाचा विजय भोंसले

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मोनालिसा और फरमान साथ में आएंगे तो नहीं अपनाएंगे: चाचा विजय भोंसले

खरगोन: सोशल मीडिया पर ‘कुंभ गर्ल’ के नाम से चर्चा में आई मोनालिसा भोंसले की शादी की खबरों के बाद उसके गृह नगर महेश्वर में माहौल गर्म हो गया है। मोनालिसा के चाचा विजय भोंसले और चाची ऐशामालिनी ने कहा है कि यदि मोनालिसा अकेली घर लौटती है तो परिवार उसे स्वीकार करेगा, लेकिन यदि वह फरमान खान के साथ आएगी तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परिवार के अनुसार, मोनालिसा के केरल में फरमान खान नामक युवक से शादी करने की खबरों और तस्वीरों के सामने आने के बाद से महेश्वर स्थित उसके घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों और परिजनों में इस घटना को लेकर नाराजगी और दुख दोनों देखने को मिल रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मोनालिसा हाल ही में होली के आसपास महेश्वर आई थी। उस दौरान वह पासपोर्ट की प्रक्रिया के लिए थाने पहुंची थी, लेकिन अपने घर नहीं गई थी। परिवार का कहना है कि उसी समय उसने अपने पिता से भी कह दिया था कि वह घर नहीं आएगी। इसके बाद वह 2 मार्च को अपने पिता के साथ केरल चली गई।
मोनालिसा की दादी प्रमिला ने बताया कि जब मोनालिसा और अपने पिता के साथ उज्जैन में रहकर ट्रेनिंग ले रही थी , तब कुछ लोगों ने मोनालिसा और उसके पिता को
बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में ले लिया था। उन्होंने कहा कि परिवार ने कभी उस पर शादी का दबाव नहीं बनाया, बल्कि उसे आगे बढ़ाने और बड़ा बनाने का सपना देखा था।
महेश्वर के कई युवाओं ने भी इस घटनाक्रम पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि जिस लड़की ने कुंभ मेले से पूरे देश में पहचान बनाई, उसके अचानक इस तरह शादी करने के फैसले से लोग चकित हैं।
गौरतलब है कि मोनालिसा को प्रयागराज के महाकुंभ के दौरान पहचान मिली थी, जहां वह रुद्राक्ष और फूलों की माला बेचने आयी थी । उसकी नीली आंखों और सादगी भरे अंदाज के कारण उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद वह देशभर में चर्चा का विषय बन गई थी।
इस बीच फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने भी मोनालिसा की शादी की तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “लव जिहाद” का मामला बताया है। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
परिवार का कहना है कि यदि मोनालिसा अकेले वापस आती है तो वे उसे स्वीकार करेंगे, लेकिन फरमान के साथ आने की स्थिति में परिवार उसे स्वीकार नहीं करेगा। वहीं परिजन यह भी कह रहे हैं कि यदि वह वापस आना चाहे तो सरकार और प्रशासन उसकी मदद करें।