

विद्यार्थी फोकस व पारदर्शिता रखेंगे तो कभी भी असफल नहीं होंगे : वैज्ञानिक प्रियंका उपाध्याय!
ट्रस्ट द्वारा समाज के 75 से अधिक प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया!
Ratlam : शहर के शास्त्री नगर स्थित राजपूत धर्मशाला में श्री राधा कृष्ण सनाढ्य मंदिर ट्रस्ट का वार्षिक स्नेह मिलन तथा सामाजिक सालाना गोठ का आयोजन किया गया।सम्मेलन में अतिथियों सहित 75 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी, अधिवक्ता राजेंद्र पाराशर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सैटलाइट सेंटर बेंगलुरु की वैज्ञानिक प्रियंका उपाध्याय थी इस अवसर पर समाज अध्यक्ष श्याम उपाध्याय व सचिव सोमेश्वर पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि राजेंद्र पाराशर, प्रियंका उपाध्याय, संरक्षक रमेशचंद्र दवे, श्याम उपाध्याय व सोमेश्वर पुरोहित ने मां सरस्वती व भगवान परशुराम की मूर्ति पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन किया।
अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष श्याम, उपाध्याय, सचिव सोमेश्वर पुरोहित, सह-सचिव कृष्णकांत शर्मा, कोषाध्यक्ष दिलीप कानूनगो, कोषाध्यक्ष गोपाल दुबे ट्रस्टी राजेंद्र दुबे, देवेंद्र कुमार शर्मा, आशुतोष वशिष्ठ, देवेंद्र पुरोहित, चंद्रप्रकाश तिवारी (अज्जू) आदि ने किया। इस अवसर पर ट्रस्ट की और से अतिथियों का शाल-श्रीफल से सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इसरो की वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रियंका उपाध्याय ने कहा कि विद्यार्थियों का स्वधर्म परमो-धर्म रहता है, छात्रों की ड्यूटी हैं कि वह जो भी कार्य करें अच्छे से करें अपने कार्य पर फोकस रखें तथा छोटी-छोटी बातों पर ध्यान न दें। यदि विद्यार्थी फोकस व पारदर्शिता रखेंगे तो कभी भी असफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए सीक्रेट या मंत्र कुछ भी नहीं होता हैं उन्हें छोटी-छोटी बातों से ऊपर उठना रहता हैं तथा वह जो भी कार्य करें अच्छे से व लगन से करें तो सफलता उनके पैर छूएगी उन्होंने बताया कि इसरो अन्य देशों के सैटेलाइट को भी अंतरिक्ष में भेजता हैं। इसरो में 25% से अधिक महिला वैज्ञानिक है, उन्होंने कहा कि अगर संभव हुआ तो चांद से मिट्टी लाकर रतलाम के राधा कृष्ण सनाढ्य मंदिर की नींव भी रखी जा सकती हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेंद्र पाराशर ने कहा कि लड़का हो या लड़की उन्हें हर क्षेत्र में पारंगत करना चाहिए शिक्षा, समाजसेवा व राजनीति सभी क्षेत्रों में महिला हो या पुरुष कदम से कदम मिलाकर साथ चलते हैं एक महिला पूरे समाज को दिशा दे सकती हैं व शिक्षित कर सकती है। इस अवसर पर समाज के 75 से अधिक प्रतिभावान विद्यार्थियों को अतिथियों ने प्रतीक चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। समाज के राधाकृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर भी विचार-विमर्श भी हुआ जिसमें समाजजनों ने अपने-अपने विचार रखें। समाजजनों ने समाज के मंदिर के नवनिर्माण के लिए नगद राशि भी ट्रस्ट को प्रदान की। संचालन आशुतोष वशिष्ठ ने किया व आभार दीपेंद्र पुरोहित ने माना!