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जिसमें यहां पर आरक्षकों को भर्ती करने के लिए क्या-क्या नियम और मापदंड होंगे। यह तैयार किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले साल से यहां पर भर्ती होने लगेगी। इसके साथ ही इन युवाओं को ट्रैनिंग देने के बाद नक्सलियों से लौहा लेने के लिए तैनात किया जाएगा।
सूत्रों की मानी जाए तो इस अभियान के जरिए यहां के युवाओं को नक्सलियों की जगह पर शासन की ओर आकर्षित करने के लिए पुलिस भर्ती का यह अभियान होगा। यहां के युवा जंगल के गुप्त रास्ते भी जानते हैं, ऐसे में ये पुलिस में भर्ती होकर नक्सलियों के गुप्त रास्तों पर भी नजर रख सकेंगे।