India vs New Zealand One Day Series: इंदौर की पिच पर टिकी सीरीज की तक़दीर, कोहली-रोहित सहित भारतीय टीम के खिलाड़ी पहुंचे इंदौर

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India vs New Zealand One Day Series: इंदौर की पिच पर टिकी सीरीज की तक़दीर, कोहली-रोहित सहित भारतीय टीम के खिलाड़ी पहुंचे इंदौर

अभिषेक मिश्रा की विशेष रिपोर्ट

इंदौर: मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की मेजबानी में इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के रंग में रंगने जा रहा है। 18 जनवरी को होलकर स्टेडियम में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच तीन मैचों की एक दिवसीय श्रृंखला का सबसे अहम मुकाबला खेला जाएगा। विराट कोहली, रोहित शर्मा सहित भारतीय टीम के खिलाड़ी आज दोपहर इंदौर पहुंचे। विमानतल पर बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उनके स्वागत के लिए एकत्रित थे।

इंदौर का यह मैच उस सीरीज का मोड़ है, जहां से कहानी या तो आत्मविश्वास की उड़ान भरेगी या दबाव के बोझ तले झुक जाएगी।

श्रृंखला फिलहाल 1–1 की बराबरी पर है और ऐसे में होलकर स्टेडियम का यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए दिशा तय करने वाला बन गया है।

होलकर स्टेडियम की पहचान हमेशा से अलग रही है। यहां पिच बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का न्योता देती है, आउटफील्ड बिजली की तरह तेज़ रहती है और दर्शक माहौल को शोर नहीं, जुनून में बदल देते हैं। इंदौर में मैच का मतलब होता है रन बरसने की उम्मीद, लेकिन साथ ही वह दबाव भी,जहां एक खराब ओवर पूरी लय तोड़ सकता है। यही वजह है कि टीमें यहां सिर्फ बल्ले और गेंद से नहीं, दिमाग से भी खेलती हैं। टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला घरेलू हालात में सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है। अपने दर्शकों के सामने खेलने का आत्मविश्वास अलग ही स्तर का होता है, लेकिन यही उम्मीदें कई बार सबसे बड़ा इम्तिहान भी बन जाती हैं।

न्यूज़ीलैंड की टीम इस बात को अच्छी तरह समझती है। शांत लेकिन चतुर रणनीति, अनुशासित गेंदबाज़ी और मौके का पूरा फायदा उठाने की आदत…कीवी टीम अक्सर ऐसे ही मुकाबलों में भारत को चौंकाती रही है।

इस मैच का असली एंगल पिच या प्लेइंग इलेवन से ज्यादा मानसिक मजबूती है। सीरीज बराबरी पर है, यानी कोई भी टीम जोखिम उठाने से पहले दो बार सोचेगी। शुरुआती ओवरों में संयम, बीच के ओवरों में नियंत्रण और आख़िरी ओवरों में हिम्मत..यही तीन कसौटियां इस मुकाबले का फैसला करेंगी। यहां जीतने वाली टीम सिर्फ अंक तालिका में आगे नहीं जाएगी, बल्कि सीरीज अपने नाम करेगी।

इंदौर के लिए भी यह मुकाबला खास है। यह शहर क्रिकेट को त्योहार की तरह जीता है..यहां हर चौका-छक्का सिर्फ स्कोरबोर्ड नहीं बदलता, बल्कि स्टेडियम की धड़कनें बढ़ा देता है। खिलाड़ी जानते हैं कि होलकर में खेलना आसान नहीं, क्योंकि यहां दर्शक 12वें खिलाड़ी से कहीं आगे होते हैं।

18 जनवरी को जब पहली गेंद डाली जाएगी, तब मुकाबला भारत बनाम न्यूज़ीलैंड से आगे निकलकर साहस बनाम दबाव की लड़ाई बन जाएगा। जो टीम उस पल को बेहतर संभालेगी, वही सीरीज की कहानी अपने नाम लिखने की ओर कदम बढ़ाएगी।

इंदौर तैयार है, खिलाड़ी तैयार हैं..अब बारी है उस मैच की, जो सिर्फ खेला नहीं जाएगा, बल्कि लंबे अरसे तक याद भी रखा जाएगा।