टॉस हारते गए, दिल जीतते गए, भारत के रणबांकुरे…

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टॉस हारते गए, दिल जीतते गए, भारत के रणबांकुरे…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 चैंपियन बनकर भारत की क्रिकेट टीम ने यह साबित कर दिया है कि टॉस के हारने या जीतने पर मैच का फैसला नहीं होता है। यदि टीम का हौसला और हुनर एक-दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़ लगाने में सक्षम हों तो दुनिया की कोई भी टीम भारत के सामने बौनी ही साबित होगी। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए दो मैच सर्वाधिक महत्वपूर्ण थे और दोनों में ही भारत ने टॉस हारकर

विरोधी टीम द्वारा दी गई चुनौती को खुलकर स्वीकार किया। सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला इंग्लैंड से था और इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी करने का आमंत्रण दिया। तो दूसरा सबसे महत्वपूर्ण मैच न्यूजीलैंड के साथ भारत का फाइनल मैच था। इसमें भी न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीता और भारत को पहली बल्लेबाजी करने का फैसला सुनाया। दोनों ही मैचों में भारतीय रणबांकुरों ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 250 से ज्यादा रन बनाकर विरोधी टीमों को ऐसी चुनौती दी कि धुरंधर टीमें भी धूल में मिल गईं। दोनों मैचों में एक बात कॉमन रही कि सर्वाधिक विश्वसनीय बल्लेबाज के रूप में संजू सैमसन ने 140 करोड़ भारतवासियों का दिल जीत लिया। प्रतिकूलतम परिस्थितियों में भी संजू सैमसन पहाड़ की तरह विकेट के सामने न केवल खड़े रहे, बल्कि विपक्षी टीमों के सामने एक विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल भी रहे। हालांकि टीम को विश्व चैंपियन बनाने में टीम के हर खिलाड़ी का योगदान महान ही रहा। हालात ऐसे ही थे कि भारतीय क्रिकेट टीम टॉस हारती रही और सूर्यकुमार यादव ब्रिगेड दिल जीतती रही।

भारत ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। भारतीय टीम ने 256 रन का लक्ष्य दिया और न्यूजीलैंड को 159 रनों पर 19 ओवरों में ढेर कर दिया। जसप्रीत बुमराह ने चार विकेट लेकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। वह टी20 वर्ल्ड के खिताब को तीन बार अपने नाम करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। वहीं टी20 में लगातार दो बार चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी भारत के नाम दर्ज करा दिया। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला आठ मार्च को भारत और न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के बीच अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था। जहां भारतीय टीम 96 रनों के बड़े अंतर से जीत हासिल करने में कामयाब रही। भारत की तरफ से जीत के लिए मिले 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम की शुरूआत से अंत तक कुछ भी खास नहीं रहा। भारत की तरफ से फाइनल मुकाबले में जसप्रीत बुमराह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने टीम के लिए कुल चार ओवरों की गेंदबाजी की। इस बीच 3.75 की इकॉनमी से 15 रन खर्च करते हुए चार विकेट चटकाने में कामयाब रहे। उनके अलावा अक्षर पटेल ने तीन और हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा के खाते में क्रमशः एक-एक विकेट आए। इससे पहले अहमदाबाद में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाने में कामयाब हुई थी। पारी का आगाज करते हुए संजू सैमसन एक बार फिर से सर्वोच्च स्कोरर रहे। जिन्होंने 46 गेंदों में 193.47 की स्ट्राइक रेट से 89 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। इस दौरान क्रिकेट प्रेमियों को उनके बल्ले से पांच चौके और आठ खूबसूरत छक्के देखने को मिले। फाइनल मुकाबले में सैमसन ही नहीं ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का बल्ला भी खूब चला। पारी का आगाज करते हुए अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 247.61 की स्ट्राइक रेट से 52 और ईशान किशन ने तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों में 216.00 की स्ट्राइक रेट से 54 रनों का योगदान दिया। आखिरी के ओवरों में शिवम दुबे ने आठ गेंद में तेजी से नाबाद 26 रन बनाकर सबके दिल में अपनी खास जगह बना ली।

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले ने भी इतिहास रच दिया था। यह टी20 इतिहास में सबसे ज्यादा स्ट्रीम किया गया मैच बन गया। इस मुकाबले को 619 मिलियन व्यूज मिले, जिसके साथ इसने भारत-साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसे 533 मिलियन व्यूज मिले थे। भारत और इंग्लैंड के बीच इस मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 253 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम निर्धारित ओवरों में 7 विकेट खोकर सिर्फ 246 रन ही बना सकी।

हालांकि भारत-इंग्लैंड का मैच अंत तक रोमांचक रहा तो भारत-न्यूज़ीलैंड मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने एकतरफा जीत दर्ज की। जिसका भरोसा ना भारतीय टीम को था और न ही न्यूजीलैंड की टीम ने ही ऐसा सोचा होगा। लेकिन चैंपियन बनने के साथ, भारतीय टीम ने यह साबित कर दिया कि उसके पास दुनिया के सबसे अच्छे गेंदबाज, सबसे अच्छे बल्लेबाज और सबसे अच्छे फील्डर भी हैं। इसी ताकत के बल पर भारत के रणबांकुरे लगातार टॉस हारते रहे और 140 करोड़ भारतीयों का दिल जीतते रहे… ऐसा ही आपसी सामंजस्य, बेहतर तालमेल बना रहे और भारत का तिरंगा क्रिकेट में विश्व विजय करता रहे।

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।