
Indore bypass accident: क्या हम सच में सीखेंगे….?
INDORE: इंदौर के बायपास पर कल तड़के हुए सड़क हादसे का दर्द, उसके सवाल और उसकी चेतावनी आज भी उतनी ही ताजा है. बर्थडे पार्टी से लौट रहे चार युवाओं की कार ट्रक में पीछे से जा घुसी थी. कुछ ही सेकेंड में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं, जबकि एक युवती अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है.
▪️कल सुबह क्या हुआ था
▫️तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के रालामंडल बायपास पर सुबह करीब 5 बजे तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. मौके पर ही तीन युवाओं की मौत हो गई. हादसे के बाद पुलिस और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया.
▪️मृतक और घायल
▫️इस हादसे में प्रेरणा बच्चन उम्र 26 वर्ष, प्रखर कासलिवाल उम्र 25 वर्ष और मैन संधु उम्र 26 वर्ष की मौत हुई. गंभीर रूप से घायल युवती अनुष्का राठी का निजी अस्पताल में इलाज जारी है. मृतकों में एक पूर्व गृह मंत्री की बेटी और एक कांग्रेस नेता का पुत्र शामिल है, जिसके कारण यह हादसा राज्यभर में चर्चा का विषय भी बना.
▪️जांच में सामने आए तथ्य
▫️पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि सभी युवक युवती बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे. प्रारंभिक तथ्यों के अनुसार कार तेज रफ्तार में थी और चालक की सतर्कता में कमी रही. नशे और थकान की भूमिका की भी जांच की जा रही है. ट्रक चालक से पूछताछ की गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटनाक्रम को खंगाला जा रहा है.
▪️खबर से आगे की सच्चाई
▫️यह हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना की खबर नहीं है. यह हमारी जीवनशैली, हमारी सोच और हमारी प्राथमिकताओं पर सवाल है. देर रात की पार्टी, सुबह की ड्राइव, खाली सड़क और यह भरोसा कि कुछ नहीं होगा, यही वह भ्रम है जो हर कुछ दिनों में किसी न किसी घर को उजाड़ देता है.
▪️क्यों हर बार इसे हादसा कहकर आगे बढ़ जाते हैं
▫️हम कहते हैं हादसा हो गया. जबकि सच यह है कि हादसे अचानक नहीं होते. उनके पीछे तेज रफ्तार होती है, नींद होती है, नशा होता है और सबसे ऊपर होती है लापरवाही. सड़कें हर दिन जान नहीं लेतीं, हमारी असावधानी उन्हें कब्रिस्तान बनाती है.
▪️एक दिन बाद भी जरूरी सवाल
▫️क्या हम अपने बच्चों को यह सिखा रहे हैं कि पार्टी से ज्यादा जरूरी सुरक्षित लौटना है.
क्या दोस्तों का फर्ज सिर्फ जश्न मनाना है या यह भी देखना है कि सभी सही हालत में घर पहुंचें.
▪️क्या रफ्तार शान है या खतरा.
▫️यह हादसा कल का है, लेकिन इसका संदेश आज और आने वाले हर दिन के लिए है. जिंदगी किसी रील का रीटेक नहीं होती. एक सेकेंड की चूक सब कुछ खत्म कर देती है. अगर हमने अब भी जिम्मेदारी को कूल नहीं बनाया, तो बायपास पर खड़ी हर ट्रक की परछाईं किसी अगले मातम का इंतजार करती रहेगी.





