इंदौर कमिश्नर संतोष सिंह, भोपाल एडिश्नल कमिश्नर अवधेश गोस्वामी को विशिष्ट सेवा पदक, MP के 21 पुलिस अफसरों को पदक दिए जाने की घोषणा

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इंदौर कमिश्नर संतोष सिंह, भोपाल एडिश्नल कमिश्नर अवधेश गोस्वामी को विशिष्ट सेवा पदक, MP के 21 पुलिस अफसरों को पदक दिए जाने की घोषणा

भोपाल. इंदौर के पुलिस कमिश्नर एवं वर्ष 2000 बैच के IPS अफसर संतोष कुमार सिंह, नर्मदापुरम आईजी मिथलेश कुमार शुक्ला, भोपाल के एडिश्नल पुलिस कमिश्नर अवधेश कुमार गोस्वामी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पदक दिए जाने की घोषणा दिल्ली में गृह मंत्रालय ने की है। वहीं प्रदेश के 17 अफसरों और पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवाओं के लिए यह पदक दिए जाने की ऐलान हुआ है। इन सभी को स्वतंत्रता दिवस पर पदक दिया जाएगा।

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व गृह मंत्रालय देश भर के सभी राज्यों के पुलिस अफसरों को पदक देने का ऐलान करता है।

इन्हें मिला विशिष्ट सेवा का पदक

संतोष कुमार सिंह, मिथलेश कुमार शुक्ला, अवधेश कुमार गोस्वामी और पुलिस इंस्पेक्टर शिवकुमार पटेल को दिए जाने की घोषणा की गई है। संतोष कुमार सिंह उज्जैन में आईजी रह चुके हैं, वे भोपाल में डीआईजी, ग्वालियर सहित कई जिलों में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं।

इन्हें मिलेगा सराहनीय सेवा के लिए पदक

वहीं सराहनीय सेवाओं के लिए गृह सचिव एवं आईजी कृष्णावैनी देवासातु, खंडवा एसपी मनोज कुमार राय, पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा ग्वालियर गितेश कुमार गर्ग, भोपाल लोकायुक्त एसपी दुर्गेश कुमार राठौर, इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह, राजेंद्र कुमार गुप्ता, निधि श्रीवास्तव, डीएसपी संजय कुमार ठाकुर, इंस्पेक्टर शैफाजी तकालकर, प्रधान आरक्षक श्रीराम मिश्रा, आरक्षक सुशील कुमार चौबे, उपनिरीक्षक प्रेम किशोर व्यास, उमराव प्रसाद जाटव, सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह नेगी, संतोष मेहरा, आरक्षक रविंद्र मिश्रा और इंस्पेक्टर राजू गुराने को दिए जाने की घोषणा की गई है।

नहीं मिल सका वीरता पदक

गणतंत्र दिवस के पूर्व हुए पदकों की घोषणा में भले ही विशिष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए 21 पुलिस अफसरों और जवानों को पदक दिए जाने का ऐलान हुआ हो, लेकिन प्रदेश के किसी भी अफसर-जवान को इस बार वीरता पदक दिए जाने में नाम शामिल नहीं हो सका। हालांकि वर्ष 2025 में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई पुलिस अफसरों और जवानों ने अपने प्राणों की चिंता न करते हुए नक्सलियों से कई बार आमने-सामने की मुठभेड़ की। इसमें एक सब इस्पेक्टर शहीद भी हुए। ऐसा माना जा रहा है इनमें से कुछ अफसरों और जवानों को इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व घोषित होने वाले पदक में शामिल किया जा सकता है। पदक के लिए प्रदेश की ओर से प्रस्ताव भेजा जाता है, जिस पर गृह मंत्रालय विचार करता है।