Monday, December 09, 2019
101 साल के हरिनारायण सिंह आज भी कर रहे हैं ये कमाल

101 साल के हरिनारायण सिंह आज भी कर रहे हैं ये कमाल

मीडियावाला.इन।

आम तौर पर जहां लोग 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होकर आराम करते हैं, वहीं बिहार के रोहतास जिले की एक अदालत में ऐसे भी एक वकील हैं, जो आयु का सैकड़ा पार करने के बाद भी लोगों को न्याय दिलाने के लिए न्यायाधीश के सामने जिरह करते नजर आते हैं. आप अगर बिहार के रोहतास जिला मुख्यालय के सासाराम व्यवहार न्यायालय में आएं तो वरिष्ठ वकील हरिनारायण सिंह आपको अपने स्थान पर कुर्सी पर बैठे या अदालत की सीढिय़ां चढ़ते या फिर न्यायाधीश के सामने दूसरे वकील से तर्क करते मिल जाएंगे.

सासाराम व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठतम अधिवक्ता हरिनारायण सिंह आज भी अपनी वाकपटुता और कानून की जानकारी के तर्क पर प्रतिद्वंद्वी वकीलों को खामोश कर देते हैं. तत्कालीन शाहाबाद जिले के तिलई गांव में 21 सितंबर 1918 को जन्मे हरिनारायण सिंह ने साल 1948 में कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री हासिल की थी. सिंह कहते हैं कि उनके पिता चाहते थे कि वे वकील बनें, क्योंकि उस समय ज्यादातर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और नेता वकालत के पेशे से जुड़े हुए थे.

उन्होंने आईएएनएस को बताया, कोलकाता में अध्ययन कार्य पूरा करने के बाद मैं सासाराम लौट आया और साल 1952 में अनमुंडलीय न्यायालय में वकालत की प्रैक्टिस शुरू कर दी. मैंने मुवक्किल से सबसे पहले पांच रुपए फीस ली थी. चार पुत्र, एक पुत्री व 16 पोते-पोतियों से भरे-पूरे परिवार के 60 से अधिक सदस्यों के मुखिया हरिनारायण सिंह ने कुछ दिन कोलकाता में शिक्षक की नौकरी भी की थी, बाद में सासाराम आ गए.

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