दिल्ली से मुबंई सिर्फ एक घण्टे में, भारत आ रहा है बुलेट ट्रेन का बाप!

दिल्ली से मुबंई सिर्फ एक घण्टे में, भारत आ रहा है बुलेट ट्रेन का बाप!

मीडियावाला.इन।

दिल्ली से मुबंई सिर्फ एक घण्टे में, भारत आ रहा है बुलेट ट्रेन का बाप! रिचर्ड ब्रेनसन के वर्जिन ग्रुप और भारत सरकार के बीच बातचीत में तेजी रही तो अगले कुछ साल में दिल्ली से मुंबई के बीच दुनिया की पहली और सबसे तेज हाईपरलूप ट्रेन दौड़ने लगेगी। इस ट्रेन के चलेन के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी महज एक घण्टे की रह जायेगी। हाईपरलूप ट्रेन एक ट्यूब से होकर गुजरती है और इसकी स्पीड 1200 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है। हाइपरलूप को लेकर वर्जिन ग्रुप ने अपना प्रस्ताव सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने रखा है। ग्रुप चाहता है कि वह दिल्ली और मुंबई के बीच इस ट्रेन को चलाए।

इस प्रॉजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र सरकार से पहले भी बातचीत हो रही थी, लेकिन शिवसेना की सरकार बनने के बाद प्रॉजेक्ट को रोक दिया गया, जिसके बाद ग्रुप के प्रतिनिधि नितिन गडकरी से बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं। कंपनी के प्रतिनिधियों ने दिल्ली से मुंबई के बीच 1300 किलोमीटर लंबी दूरी पर इस ट्रेन को चलाने के लिए नितिन गडकरी से मुलाकात की है। ग्रुप के कुछ प्रतिनिधि फिलहाल भारत आए हैं और प्रॉजेक्ट से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर्स से बातचीत कर रहे हैं।अभी कुछ दिन पहले ही नितिन गडकरी ने कहा था कि उन्होंने बुलेट ट्रेन की तरह दूसरे प्रॉजेक्ट को लेकर कुछ इन्वेस्टर्स से मुलाकात की है। वर्जिन ग्रुप ने पहले मुंबई और पुणे की बीच ट्रेन चलाने को लेकर अपना प्रस्ताव दिया था, जिसे तत्कालीन बीजेपी सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी थी। प्रॉजेक्ट के पहले फेज में 11.8 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनता, जिसकी लागत 10 अरब डॉलर थी। ढाई साल बाद हाईपरलूप ट्रेन दौड़ने भी लगती, लेकिन महाविकास अघाड़ी सरकार ने प्रोजेक्ट को ही ठण्डे बस्ते में डाल दिया।

ध्यान रहे, जान ब्रेनसन ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से भी मिल चुके हैं, लेकिन डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा था कि हमारी ऐसी आर्थिक स्थिति नहीं है कि हाइपरलूप जैसे कॉन्सेप्ट को अपने देश में प्रयोग में लाएं। फिलहाल ट्रांसपोर्ट के दूसरे माध्यम पर विचार किया जाएग। वर्जिन ग्रुप भारत में एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, म्यूजिक और टेलिकॉम सेक्टर में भी निवेश करने की इच्छा जताई है।

Dailyhunt

0 comments      

Add Comment