'टीवी पर परेड देखती अब खुद प्लेन उड़ाउंगी' जानिए इस युवती के फाइटर पायलट बनने की पूरी कहानी

'टीवी पर परेड देखती अब खुद प्लेन उड़ाउंगी' जानिए इस युवती के फाइटर पायलट बनने की पूरी कहानी

मीडियावाला.इन।

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2021 (Republic Day Parade 2021)  की परेड में इस बार महिला फायटर भी शामिल होने वाली है। भावना कांत रिपब्लिक डे परेड 2021 में पहली महिला फायटर पायलट होंगी। वे भारतीय वायुसेना के फायटर पायलट दल में शामिल की गई तीसरी महिला हैं। वे परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के IAF Tableaux दल का हिस्सा होंगी। वह भारतीय वायुसेना की ओर से निकाली जाने वाली झांकी का हिस्सा बनेगी जिसकी थीम 'मेक इन इंडिया' है। भावना को पिछले साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया था।

<p>सोशल मीडिया पर भावना कांत छाई हुई हैं। इस मद्देनजर आइए जानते हैं उनके फैमिली बैकग्राउंड और एजुकेशन से जुड़ी बातें। करियर और परेड में शामिल होने को लेकर उनके विचार!</p>

सोशल मीडिया पर भावना कांत छाई हुई हैं। इस मद्देनजर आइए जानते हैं उनके फैमिली बैकग्राउंड और एजुकेशन से जुड़ी बातें। करियर और परेड में शामिल होने को लेकर उनके विचार!

<p>परेड में शामिल होने पर भावना ने कहा कि वे राफेल और सुखोई के साथ अन्य लड़ाकू विमान उड़ाना भी पसंद करेंगी। भारतीय वायुसेना इस दौरान एलसीए तेजस, लाइट कॉमबैट हेलिकॉप्टर, रोहिणी राडार, आकाश मिसाइल और सुखोई 30 एमकेआई का प्रदर्शन करेगी। भावना गणतंत्र दिवस पर इस अवसर के मिलने से बहुत खुश हैं।</p>

परेड में शामिल होने पर भावना ने कहा कि वे राफेल और सुखोई के साथ अन्य लड़ाकू विमान उड़ाना भी पसंद करेंगी। भारतीय वायुसेना इस दौरान एलसीए तेजस, लाइट कॉमबैट हेलिकॉप्टर, रोहिणी राडार, आकाश मिसाइल और सुखोई 30 एमकेआई का प्रदर्शन करेगी। भावना गणतंत्र दिवस पर इस अवसर के मिलने से बहुत खुश हैं।

<p><strong>टीवी पर परेड देखती थी अब खुद इसका हिस्सा बनूंगी</strong></p>

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<p>उन्होंने कहा - ''हर साल मैं गणतंत्र दिवस की परेड टीवी पर देखती थी। अब मैं खुद इस परेड का हिस्सा बनूंगी। ये मेरे लिए गर्व की बात है''भावना बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के बाऊर गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता इंजीनियर हैं जो रिफाइनरी टाउनशिप में अपनी सेवाएं देते हैं।</p>

टीवी पर परेड देखती थी अब खुद इसका हिस्सा बनूंगी

उन्होंने कहा - ''हर साल मैं गणतंत्र दिवस की परेड टीवी पर देखती थी। अब मैं खुद इस परेड का हिस्सा बनूंगी। ये मेरे लिए गर्व की बात है'' भावना बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के बाऊर गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता इंजीनियर हैं जो रिफाइनरी टाउनशिप में अपनी सेवाएं देते हैं।

<p><strong>भावना कांत एजुकेशन</strong></p>

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<p>भावना ने अपनी स्कूली शिक्षा बरौनी रिफाइनरी डीएवी पब्लिक स्कूल से ली। उसके बाद बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की।</p>

भावना कांत एजुकेशन

भावना ने अपनी स्कूली शिक्षा बरौनी रिफाइनरी डीएवी पब्लिक स्कूल से ली। उसके बाद बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की।

<p><strong>'मिथिला गर्ल' कही जाती हैं भावना</strong></p>

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<p>भावना बिहार के बेगुसराय की रहने वाली हैं। भावना के पिता आइओसीएल में इंजीनियर हैं।&nbsp;इस साल गणतंत्र दिवस के परेड में पहली बार 2 राफाल फाइटर जेट की भागीदारी होगी। भावना कांत&nbsp;इस फाइटर जेट को भी उड़ा चुकी हैं।</p>

'मिथिला गर्ल' कही जाती हैं भावना

भावना बिहार के बेगुसराय की रहने वाली हैं। भावना के पिता आइओसीएल में इंजीनियर हैं। इस साल गणतंत्र दिवस के परेड में पहली बार 2 राफाल फाइटर जेट की भागीदारी होगी। भावना कांत इस फाइटर जेट को भी उड़ा चुकी हैं।

<p><strong>जब प्लेन उड़ाते वक्त घबराई थीं भावना</strong></p>

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<p>भावना 20 हजार फीट की ऊंचाई पर प्लेन को स्पिन कराने का अनुभव बताती हैं। वो डर रही थीं कि अगर प्लेन ठीक से नहीं स्पिन हुआ तो क्या होगा?&nbsp;</p>

जब प्लेन उड़ाते वक्त घबराई थीं भावना

भावना 20 हजार फीट की ऊंचाई पर प्लेन को स्पिन कराने का अनुभव बताती हैं। वो डर रही थीं कि अगर प्लेन ठीक से नहीं स्पिन हुआ तो क्या होगा?

<p>भावना कहती है,“मैंने खुद से कहा कि अगर मैंने ये अभी नहीं किया तो हमेशा इससे डरती रहूंगी। लेकिन जब मैंने प्लेन को स्पिन कराया तो वो मेरे डर से भी भयानक था। खैर, मेरे अंदर के पायलट और ट्रेनिंग के अनुभवों के कारण मैंने प्लेन को काबू में कर लिया। स्पिन ठीक से पूरा करते ही मैं आत्मविश्वास से भर गई थी।”</p>

भावना कहती है,“मैंने खुद से कहा कि अगर मैंने ये अभी नहीं किया तो हमेशा इससे डरती रहूंगी। लेकिन जब मैंने प्लेन को स्पिन कराया तो वो मेरे डर से भी भयानक था। खैर, मेरे अंदर के पायलट और ट्रेनिंग के अनुभवों के कारण मैंने प्लेन को काबू में कर लिया। स्पिन ठीक से पूरा करते ही मैं आत्मविश्वास से भर गई थी।”

<p>अन्य विमानों के उड़ान भरने के बारे में पूछे जाने पर, Flt Lt Kanth ने कहा, "मुझे राफेल और सुखोई सहित अन्य फाइटर जेट्स उड़ाने का मौका मिला तो जरूर करेंगी। लेफ्टिनेंट कांत भारतीय वायु सेना की तीन महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच का हिस्सा थीं।</p>

अन्य विमानों के उड़ान भरने के बारे में पूछे जाने पर, Flt Lt Kanth ने कहा, "मुझे राफेल और सुखोई सहित अन्य फाइटर जेट्स उड़ाने का मौका मिला तो जरूर करेंगी। लेफ्टिनेंट कांत भारतीय वायु सेना की तीन महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच का हिस्सा थीं।

<p>वो साल 2016 में इसमें शामिल हुईं। वह नवंबर 2017 में फाइटर स्क्वाड्रन में शामिल हुईं और मिग 21 में अपनी एकल उड़ान के बाद मार्च 2018 में परिचालन में आ गईं। पूरे देश में भावना को इस अचीवमेंट के लिए सराहना मिल रही है। &nbsp;</p>

वो साल 2016 में इसमें शामिल हुईं। वह नवंबर 2017 में फाइटर स्क्वाड्रन में शामिल हुईं और मिग 21 में अपनी एकल उड़ान के बाद मार्च 2018 में परिचालन में आ गईं। पूरे देश में भावना को इस अचीवमेंट के लिए सराहना मिल रही है।

Asianetnews

RB

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