Wednesday, December 11, 2019
क्या 'नया पकिस्तान' का नारा कभी हक़ीक़त बन पायेगा ?

क्या 'नया पकिस्तान' का नारा कभी हक़ीक़त बन पायेगा ?

पाकिस्तान में बदलने वाला है इतिहास!


पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री को यह मौका मिल रहा है वह चाहे तो पाकिस्तान का इतिहास बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।  यह बात अब उस नयी शख्सियत पर निर्भर रहेगी कि वह पाकिस्तान की बरसों पुरानी  रवायत बदलकर कुछ नया कर दिखाए या फिर पाकिस्तान को  अनुयायी और तालिबानों का सहयोगी बनकर इतिहास में दफ़्न हो जाए।

पांच साल पहले 2013 में इमरान खान ने  'नया पाकिस्तान' का नारा दिया था । इमरान खान ने इस चुनाव में शरीफ और भुट्टो परिवार के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया, जो राजनैतिक रूप से बेहद ताकतवर परिवार माने जाते हैं।   नवाज शरीफ का नाम पनामा लीक्स में आने के बाद  इमरान खान  के निशाने पर शरीफ और उनकी पार्टी पीएमएल-(नवाज) रही। 

पिछले वर्ष इमरान खान का एक बयान याद आता है जो बताता है कि इमरान खान की सोच किस तरह की रही होगी। इस बयान  के अनुसार  इमरान खान ने कहा था कि तालिबानों को पकिस्तान के हर जिले में अपने कार्यालय खोलने चाहिए। 

इमरान खान की तलाकशुदा एक बीवी ने उन पर तमाम व्यक्तिगत लांछन लगाए थे, उन्हें लगता होगा कि इससे इमरान खान को चुनाव में नुकसान होगा।  लेकिन इमरान खान यहां आगे निकल गए। इमरान ने  रिवर्स स्विंग के जनक माने जाने वाले पाकिस्तानी तेज गेंदबाज सरफराज नवाज का चेला बनकर दुनिया में 'रिवर्स स्विंग किंग' का खिताब हासिल किया था।  उन्होंने साबित कर दिया कि वे केवल खेल की राजनीति ही नहीं, राजनीति का खेल भी जानते और समझते हैं।

26 JULY 2018

 

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डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी

डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी जाने-माने पत्रकार और ब्लॉगर हैं। वे हिन्दी में सोशल मीडिया के पहले और महत्वपूर्ण विश्लेषक हैं। जब लोग सोशल मीडिया से परिचित भी नहीं थे, तब से वे इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। पत्रकार के रूप में वे 30 से अधिक वर्ष तक नईदुनिया, धर्मयुग, नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर आदि पत्र-पत्रिकाओं में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे हिन्दी के पहले वेब पोर्टल के संस्थापक संपादक भी हैं। टीवी चैनल पर भी उन्हें कार्य का अनुभव हैं। कह सकते है कि वे एक ऐसे पत्रकार है, जिन्हें प्रिंट, टेलीविजन और वेब मीडिया में कार्य करने का अनुभव हैं। हिन्दी को इंटरनेट पर स्थापित करने में उनकी प्रमुख भूमिका रही हैं। वे जाने-माने ब्लॉगर भी हैं और एबीपी न्यूज चैनल द्वारा उन्हें देश के टॉप-10 ब्लॉगर्स में शामिल कर सम्मानित किया जा चुका हैं। इसके अलावा वे एक ब्लॉगर के रूप में देश के अलावा भूटान और श्रीलंका में भी सम्मानित हो चुके हैं। अमेरिका के रटगर्स विश्वविद्यालय में उन्होंने हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर अपना शोध पत्र भी पढ़ा था। हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर पीएच-डी करने वाले वे पहले शोधार्थी हैं। अपनी निजी वेबसाइट्स शुरू करने वाले भी वे भारत के पहले पत्रकार हैं, जिनकी वेबसाइट 1999 में शुरू हो चुकी थी। पहले यह वेबसाइट अंग्रेजी में थी और अब हिन्दी में है। 


डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी ने नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर एक किताब भी लिखी, जो केवल चार दिन में लिखी गई और दो दिन में मुद्रित हुई। इस किताब का विमोचन श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के एक दिन पहले 25 मई 2014 को इंदौर प्रेस क्लब में हुआ था। इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर ही डॉ. अमित नागपाल के साथ मिलकर अंग्रेजी में एक किताब पर्सनल ब्रांडिंग, स्टोरी टेलिंग एंड बियांड भी लिखी है, जो केवल छह माह में ही अमेजॉन द्वारा बेस्ट सेलर घोषित की जा चुकी है। अब इस किताब का दूसरा संस्करण भी आ चुका है।