WHO ने भी कहा कि सिर्फ़ लॉकडाउन से नहीं बनेगी बात, ये कदम उठाइए

WHO ने भी कहा कि सिर्फ़ लॉकडाउन से नहीं बनेगी बात, ये कदम उठाइए

मीडियावाला.इन।

कोरोनावायरस दुनियाभर में तेज़ी से अपना पांव पसार रहा है और ऐसे में संक्रमण को रोकने के लिए कई देश अलग-अलग तरीक़े भी अपना रहे हैं. चीन ने दो महीने के लॉकडाउन के बाद कल हुबेई प्रांत में यातायात खोल दिया, लेकिन बीमारी का दायरा अब जिन देशों में बढ़ा है, वहां हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं.

इटली और स्पेन के बाद अमेरिका में ख़तरा काफी ज़्यादा बढ़ गया है. ऐसे में दुनिया के ज़्यादातर देशों ने लॉकडाउन, आपतकाल और कर्फ्यू का सहारा लिया है. भारत में देशव्यापी लॉकडाउन जारी है. इन देशों का मानना है कि ऐसा करके वो कोरोनावायरस के साइकिल को तोड़ने में क़ामयाब हो जाएंगे.


लेकिन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेडरोस अधानोम गेब्रियेसस ने बुधवार को लॉकडाउन करने वाले देशों को चेताया है. उन्होंने बताया कि कोरोनावायरस  का मुक़ाबला करने के लिए कई देशों द्वारा लागू किए जा रहे लॉकडाउन, दुनिया से वायरस को मिटाने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे.

रोज़ इस मुद्दे पर WHO अपडेट जारी करता है. रोजाना के ऐसे ही अपडेट में गेब्रियेसस ने बताया, ''कोरोनावायरस के संक्रमण के फैलाव को धीमा करने के लिए कई देशों ने 'लॉकडाउन' का उपाय अपनाया है. लेकिन इससे निपटने का ये उनका अपना हिसाब है. इस उपाय से महामारी नहीं ख़त्म नहीं होगी. हम सभी देशों से इस समय का उपयोग करके कोरोनोवायरस पर हमला करने का आह्वान करते हैं. अभी तक आपने इस अवसर की दूसरी विंडो (दूसरा तरीका अपनाया) बनाई है.''

हर जगह सन्नाटा

उन्होंने कहा, ''लोगों को घर पर रहने के लिए कहना और उनकी आवाजाही को बंद कर देने से वक्त हासिल होगा, जिससे हेल्थ सिस्टम पर दबाव घटेगा... लेकिन अपने आप में इससे महामारी ख़त्म नहीं होगी.''

गेब्रियेसस ने कहा, "हम उन सभी देशों से कहना चाहते हैं, जिन्होंने तथाकथित लॉकडाउन के तरीक़े को अपनाया है, वह इस वायरस पर हमला करने के लिए इस समय का उपयोग करें. आपने इस मौक़े की दूसरी विंडो बनाई है, सवाल यह है कि आप इसका उपयोग कैसे करेंगे?"

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने कहा, ''आइसोलेशन में रखे जा रहे लोगों को खोजना, आइसोलेट करना, परीक्षण करना और उनका इलाज करना सबसे अच्छा और तेज़ तरीक़ा है, लेकिन इसके अलावा और भी बड़े कदम सामाजिक और आर्थिक स्तर पर उठाने होंगे.''

ग़ौरतलब है कि यह वायरस 198 देशों में फैल चुका है और अब तक 21 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान ले चुका है. अकेले चीन और इटली में ही मरने वालों का आंकड़ा 10000 के पार हो चुका है. साढ़े चार लाख लोग इससे संक्रमित हैं. दुनियाभर के देशों में इमरजेंसी सरीखे हालात हैं. कई देशों ने इससे बचाव के लिए लॉकडाउन का रास्ता अख्तियार किया है और तीन अरब से ज्यादा लोग लॉकडाउन में रहने को मजबूर हैं.

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