Jain Community Outraged : श्री अगरजी के मंदिर परिसर में खाना-पीना कर गंदगी फैलाने पर भड़का जैन समाज!

ADM को दिया ज्ञापन, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग!

191

Jain Community Outraged : श्री अगरजी के मंदिर परिसर में खाना-पीना कर गंदगी फैलाने पर भड़का जैन समाज!

Ratlam : शहर के बागड़ो का वास स्थित अगर जी के मंदिर में जैन समाज के श्री शांतिनाथ तथा अन्य जैन भगवान की मूर्तियां विराजमान हैं और इसी परिसर में चौमुखा महादेव मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर 400 वर्ष प्राचीन बताया जाता हैं। यहां जैन धर्म की मान्यताओं के अनुसार पूजा-अर्चना की जाती हैं। सन् 1954 से मंदिर मंदिर को लेकर जैन समाज और सनातन समाज में विवाद चला आ रहा हैं जो वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सनातन धर्म सभा द्वारा इस मंदिर परिसर में विराजित भगवान शिव का अवतार चौमुखा महादेव की पूजा-अर्चना तथा अभिषेक करने हेतु प्रति सोमवार को यहां जजमान दम्पति द्वारा अभिषेक किए जाने का शुभारंभ हुआ, शिवरात्रि पर्व पर अभिषेक करने के दौरान यहां अभिषेक करने वालों तथा मौजूद अन्य लोगों द्वारा मंदिर परिसर में ही प्रसाद खाया गया था और वहीं पर फैलाया दिया था इसका वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।

IMG 20260220 WA0015

इसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया था और जैन समाज ने गुरुवार को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन एडीएम शालिनी श्रीवास्तव को सौंपा। इसमें बताया गया कि जैन मंदिर 400 सौ वर्ष प्राचीन हैं जहां मंदिर परिसर में जैन मूर्तियों के समक्ष जमीकंद जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि जैन समाज को विश्वास में लिए बगैर प्रशासन ने शिवरात्रि पर्व पर गतिविधियां करने की अनुमति दी और लोगों ने मंदिर परिसर में खाने-पीने की वस्तुओं का किया। मंदिर परिसर में जैन मूर्तियों के सामने प्रसाद को खाया और परिसर में गंदगी फैला दी गई। जिससे जैन धर्मावलंबियों में आक्रोश व्याप्त हैं और जैन समाजजनों ने शिवरात्रि के दिन मंदिर परिसर में घटित घटनाक्रम की जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई। हालांकि आपको बता दें कि विवादित इस मंदिर का मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं ऐसे जब तक कोई फैसला नहीं आता हैं तब जैन एवं सनातन धर्मावलमिबयों को धेर्य रखकर इंतजार करना चाहिए और सामंजस्य स्थापित कर धर्मलाभ लेना चाहिए तथा जैन समाज के धर्मावंलबियों के नियमों का अनुसरण किया जाना अतिआवश्यक हैं।.

अध्यक्ष राजेंद्र कुमार खाबिया, सचिव अशोक कुमार भाणावत, कोषाध्यक्ष राजकुमार सुराणा, उपाध्यक्ष शैलेन्द्र मांडोत, राजेश जैन, दलपत सिंह सुराणा, राजेश जैन, अशोक चोटाला, नरेन्द्र कुमार छाजेड़, अभय कुमार पोरवाल, ललित कोठारी, सुनील ललवानी, सुशील छाजेड़, अशोक जैन, शीतल गेलड़ा, ओम अग्रवाल, प्रकाश मूणत, निर्मल लूनिया, अभय लूनिया, मणिलाल जैन, विजय पितलिया, जितेन्द्र चौपड़ा, सहित 400 से अधिक सकल जैन समाजजन मौजूद थे!