
जेपी अस्पताल… दावा झूठा- सिगरेट के धुएं से एक्टिव हो जाएगा फायर सिस्टम…जब आग लगी तो सिस्टम शुरू नहीं हो सका
भोपाल। राजधानी के जेपी अस्पताल में आग लगने के बाद अब हाल ही में लगाए गए फायर सिस्टम के शुरू नहीं होन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिसमें दावा किया गया था कि सिगरेट के धुएं से नया फायर सिस्टम एक्टिव हो जाएगा, लेकिन जब असल में आग लगी तो फायर सिस्टम शुरू नहीं हो सका।
बता दें कि बीते दो साल पहले कमला नेहरू गैस राहत अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बने बच्चा वार्ड के एसएनसीयू में आगजनी की घटना के बाद अस्पतालों में सुरक्षा के इंतजाम चौकस रखने के चलते जय प्रकाश जिला अस्पताल में फायर सेटी सिस्टम लगाया गया है। यह प्रदेश का पहला जिला अस्पताल है, जहां इतना बड़ा और उन्नत फायर सेफ्टी प्रणाली को स्थापित किया गया।
*0 पूरे परिसर को कवर किया गया*
अस्पताल के बी ब्लाक में ये फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं। इस नए सिस्टम की खासियत यह है कि इसमें पूरे परिसर को कवर किया गया है। कहीं भी हल्का सा धुंआ उठते ही अलार्म बजना शुरू हो जाएगा। इसके बाद जैसे ही हीटिंग टेंम्परेचर बढ़ेगा, आटोमेटिक पाइप लाइन में लगे स्प्रिंकलर से पानी निकलना शुरू हो जाएगा, जिससे आग पर काबू पाया जा सकेगा।
*0 यह है पूरा मामला*
जेपी अस्पताल में एक दिन आग लगने का मामला सामने आया है। ओपीडी ब्लॉक के पहले फ्लोर पर जिस कमरे में आग लगी, वहां सिरिंज, सैंपल कलेक्टिंग उपकरण और अन्य सर्जिकल सामान रखा हुआ था। कर्मचारियों के अनुसार, पहले कमरे से धुआं उठता दिखाई दिया, जो कुछ ही मिनटों में आग में बदल गया। देखते ही देखते पूरा ओपीडी ब्लॉक धुएं से भर गया और मरीजों व परिजनों में घबराहट फैल गई।
*0 काला धुआं पूरे परिसर में फैल गया*
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक धुआं निकलने पर कर्मचारियों ने तुरंत सतर्कता दिखाई। कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। प्लास्टिक और सर्जिकल सामग्री जलने से काला धुआं पूरे परिसर में फैल गया। ओपीडी में मौजूद मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर दी।





