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लेकर अंतिम सत्यापन तक पूरी टीम का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। कलेक्टर ने कहां कि तीनों विधानसभाओं के ईआरओ, एईआरओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीईओ, सीएमओ, मास्टर ट्रेनर, बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ टीम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी और कोटवारों की अथक मेहनत और समर्पण है का परिणाम सुखद रहा। मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों ने घर घर सर्वेक्षण कर, जानकारी एकत्रित कर, और सत्यापन कार्य को सटीकता के साथ पूरा किया। बीएलओ व सुपरवाइजरों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हर घर तक पहुंचकर डेटा को डिजिटल फॉर्मेट में अद्यतन किया और इसे शत प्रतिशतता तक पहुंचाकर लक्ष्य हासिल किया।
🔸झाबुआ बना डिजिटल पुनरीक्षण का मॉडल
▫️ 100 प्रतिशत एसआईआर का काम होने से आगामी चुनावों में पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह उपलब्धि चुनावी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सक्षम करने का महत्वपूर्ण कदम है। ई एफ डिजिटाइजेशन के माध्यम से मतदाता सूची की शुद्धता, उपलब्धता और अद्यतन प्रबंधन और मजबूत होगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि जिले के लिए भविष्य के चुनावी कार्यों में गति और पारदर्शिता बढ़ाएगी, साथ ही अन्य जिलों को भी इसी दिशा में प्रोत्साहित करेगी।
📍झाबुआ जिले का यह मॉडल अब प्रदेश में डिजिटल पुनरीक्षण का भी एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।