Jyotiraditya Scindia Gift : लोगों की जान बचाने वाले जाबांज युवा को ‘महाराज’ ने ट्रैक्टर भेंट किया, खुद चलाकर पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया!

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Jyotiraditya Scindia Gift : लोगों की जान बचाने वाले जाबांज युवा को ‘महाराज’ ने ट्रैक्टर भेंट किया, खुद चलाकर पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया!

बाढ़ में गांव के कई लोग फंस गए, तो इस युवक ने ट्रैक्टर से लोगों को निकाला, पर उसका ट्रैक्टर बर्बाद हो गया!

Shivpuri : यहां के लिलवारा गांव में आई बाढ़ में एक युवक गिरिराज ने अपनी जांबाजी दिखाई। उसने बाढ़ के बीच ट्रैक्टर से ग्रामीणों की जान बचाई। लोगों की जान तो बच गई, पर उसका ट्रैक्टर पानी में डूबकर खराब हो गया। यह बात जब सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पता चली तो उन्होंने उसे सम्मानित करने की घोषणा की और नया ट्रैक्टर भेंट करने का वादा किया।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए। बाढ़ के चलते कई गांवों का संपर्क शहर से टूट गया। वहीं, पानी का लेवल बढ़ने से बांधों के गेट खोलने पड़े। इससे नदी नाले उफान पर आ गए। बाढ़ से ऐसी एक ऑफत शिवपुरी के कोलारस में देखने को मिली। वहां बाढ़ की चपेट में कई ग्रामीण आ गए थे। ऐसे में एक युवक ने साहस दिखाकर अपने ट्रैक्टर की मदद से लोगों की मदद कर बाढ़ में फंसे पीड़ितों को बचाया। किंतु उसकी बहादुरी की भेंट ट्रैक्टर चढ़ गया, फिर भी युवक ने उसकी परवाह नहीं की।

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जब सिंधिया को यह जानकारी लगी, तो उसका साहस देखकर उसकी सराहना की और गिरिराज को नया ट्रैक्टर भेंट करने का वादा किया। उन्होंने 12 घंटे के अंदर ही व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर वादा पूरा किया। शुक्रवार को वे बाढ़ प्रभावित लिलवारा गांव पहुंचे और साहसी गिरिराज को नया ट्रैक्टर भेंट कर अपना वादा पूरा किया।

दरअसल, अपने संसदीय क्षेत्र के इस गांव में बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे थे। लिलवारा गांव में उन्होंने आपदा पीड़ितों से संवाद किया। यहां उन्हें पता चला कि गांव के युवा गिरिराज ने अपने ट्रैक्टर की मदद से कई ग्रामीणों की जान बचाई थी। इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए सिंधिया ने उसी समय गिरिराज को नया ट्रैक्टर देने का वादा किया था। 12 घंटे के अंदर ही सिंधिया ने खुद पहुंचकर उसे नया ट्रैक्टर सौंपा। दिलेरी और त्याग की मिसाल बना गिरिराज इस आपदा में पूरी रात बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया था। इस दौरान उसने न तो अपनी जान की परवाह की और न ही अपने ट्रैक्टर की चिंता। लगातार सेवा करते हुए उसका ट्रैक्टर गहराई में फंसकर बंद हो गया। साथ ही उसका इंजन भी नष्ट हो गया।

गिरिराज की दिलेरी और त्याग से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री ने लिलवारा गांव में मंच से उसे सम्मानित किया। साथ ही गिरिराज की मां की ओर इशारा कर कहा कि ‘अब यह सिर्फ आपका बेटा नहीं, बल्कि मेरा बेटा भी है।’ उन्होंने इस अवसर पर कहा कि गिरिराज जैसे युवाओं का साहस और सेवा-भाव पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। यह सिर्फ अपने गांव का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव है।