कट्ठीवाड़ा-अलीराजपुर शिक्षा घोटाला: 20.47 Cr गबन में ED का एक्शन, 6 पर अभियोग

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कट्ठीवाड़ा-अलीराजपुर शिक्षा घोटाला: 20.47 Cr गबन में ED का एक्शन, 6 पर अभियोग

▪️ राजेश जयंत

INDORE-ALIRAJPUR:मध्य प्रदेश के पश्चिम सीमांत जनजातीय बहुल अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा खंड शिक्षा कार्यालय से जुड़े बहुचर्चित 20.47 करोड़ रुपये के शिक्षा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर स्थित माननीय विशेष न्यायाधीश (PMLA) के समक्ष कमल राठौर सहित 6 आरोपियों के खिलाफ अभियोग शिकायत दायर कर दी है। 06 जनवरी 2026 को माननीय विशेष न्यायालय ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं।

यह वही मामला है, जिसकी पहली बड़ी परत 23–24 जून 2025 को खुली थी, जब केंद्रीय एजेंसी ने मुख्य आरोपी कमल राठौर और उसके रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के दौरान CRPF जवानों की सशस्त्र तैनाती ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।

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बीईओ कार्यालय से योजनाबद्ध गबन का आरोप

ED की जांच के अनुसार 2018-19 से 2023-24 के बीच कट्ठीवाड़ा विकासखंड शिक्षा कार्यालय से जुड़े DDO कोड 4902506054 के माध्यम से विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों, छात्रवृत्ति, वेतन, पेंशन और एरियर के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी भुगतान किए गए। आरोप है कि धोखाधड़ी से बिलों की मंजूरी लेकर 20.47 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि का योजनाबद्ध तरीके से गबन किया गया।

135 से अधिक खातों में ट्रांसफर, रिश्तेदारों तक पहुंची रकम

कोष एवं लेखा विभाग की अगस्त 2023 की जांच में सामने आया था कि गबन की राशि 135 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इनमें बड़ी संख्या में खाते खुद कमल राठौर और उसके रिश्तेदारों के नाम पर पाए गए। इसी रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर के निर्देश पर कट्ठीवाड़ा थाने में FIR दर्ज की गई थी।

● FIR से ED तक पहुंचा मामला

प्रारंभिक पुलिस जांच में आईपीसी 1860, आईटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराएं लगाई गईं। बाद में PMLA 2002 के तहत ED ने समानांतर जांच शुरू की, जिसमें गबन को एक संगठित और सुनियोजित साजिश के रूप में अंजाम दिए जाने के संकेत मिले।

● तलाशी, गिरफ्तारी और नकदी बरामदगी

ED ने PMLA की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेजों के साथ 25 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। मुख्य आरोपी कमल राठौर को 07 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले वह राजस्थान से पकड़ा गया था और कुछ आरोपियों को जमानत भी मिल चुकी है।

● अचल संपत्तियां कुर्क, 4.3 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त

ED की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अपराध की आय से कई अचल संपत्तियां खरीदीं। एजेंसी ने 14 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनका अनुमानित मूल्य लगभग 4.3 करोड़ रुपये बताया गया है। वर्तमान अभियोग शिकायत में 3 तत्कालीन BEO, 2 लेखापाल और 1 प्रधानाध्यापक सहित कुल 6 प्रमुख साजिशकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है।

● पहले से विवादों में रहा कट्ठीवाड़ा BEO कार्यालय

कट्ठीवाड़ा बीईओ कार्यालय लंबे समय से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में सवालों के घेरे में रहा है। जनजातीय अंचल में शिक्षा के लिए आवंटित धन के कथित गबन ने निगरानी तंत्र, ऑडिट व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

● ED का दावा, जांच अभी जारी

ED के अनुसार मामले में आगे भी जांच जारी है। गबन की शेष राशि, अन्य लाभार्थियों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। आने वाले समय में और नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।