Thursday, January 23, 2020
अतिथि विद्वानों के पंडाल में अज्ञात लोगों ने लगायी आग, एक हिस्सा खाक

अतिथि विद्वानों के पंडाल में अज्ञात लोगों ने लगायी आग, एक हिस्सा खाक

मीडियावाला.इन।

भोपाल. राजधानी भोपाल (BHOPAL) में धरना दे रहे अतिथि विद्वानों के साथ बड़ा हादसा होते-होते बचा. धरना स्थल यादगार-ए-शाहजहानी पार्क में धरना दे रहे अतिथि विद्वानों के पंडाल में रविवार (SUNDAY) रात दो बजे अज्ञात बदमाशों ने केरोसिन छिड़कर आग (FIRE) लगा दी. इसमें पंडाल का एक हिस्सा बुरी तरह जल गया, लेकिन अतिथि विद्वानों की सूझबूझ से आग पर तत्काल काबू पा लिया गया.

मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वान बीते 35 दिन से अपने नियमितिकरण की मांग को लेकर भोपाल में धरना दे रहे हैं. रविवार देर रात धरना स्थल पर लगे उनके पंडाल में अज्ञात बदमाशों ने केरोसिन छिड़का और फिर आग लगा दी. आग तेज़ी से भभकने लगी और देखते ही देखते पंडाल का एक हिस्सा खात हो गया.गनीमत रही कि मौके पर मौजूद अतिथि विद्वानों ने समय रहते इसे देख लिया.                                    उन्होंने तत्काल सूझबूझ से आग पर काबू पा लिया.यदि आग बेकाबू होती तो पूरा स्थल लाक्षागृह में तब्दील हो जाता.

पंडाल में सो रहे थे 100 अतिथि विद्वान
जिस वक्त ये वाकया हुआ उस वक्त रात के दो बजे थे. पंडाल के अंदर करीब 100 अतिथि विद्वान मौजूद थे जो गहरी नींद में थे. केरोसिन की बदबू और आग के धुएं से अतिथि विद्वानों की नींद खुल गयी. देखते ही टैंट में हड़कंप और भगदड़ मच गयी. जिसे जो सूझा, उससे आग बुझाने में जुट गया.  FIR दर्ज
अतिथि विद्वानों ने संबंधित तलैया थाने में FIR दर्ज कराई है. FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गयी है. अतिथि विद्वानों ने इसे साजिश का हिस्सा बताया है. उनकी शिकायत है कि बीते 35 दिनों से वो धरना दे रहे हैं लेकिन अब तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है. और अब साजिश के जरिए उनका धरना खत्म करने की कोशिश की गई है. पुलिस ने इस पूरे मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दो दिन में आगजनी की दूसरी घटनाभोपाल में दो दिन में आगजनी की ये दूसरी घटना है. 2 दिन पहले ही राजधानी के कोलार तिराहे पर अज्ञात बदमाशों ने एक दर्जन से ज्यादा दुपहिया गाड़ियां जला दी थीं. इससे गुस्साए स्थानीय लोगों ने कोलार तिराहे पर घंटों चक्का जाम किया था. अब दूसरे दिन अतिथि विद्वानों के पंडाल में आग लगाने की खबर सामने आई है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या जान बूझकर कोई इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है या फिर यह अतिथि विद्वानों का आंदोलन खत्म करने की कोई साजिश है. बहरहाल पूरा मामला अब पुलिस के जांच के दायरे में है.

0 comments      

Add Comment