कोरोना वायरस : किसी भी हालात के लिए सेना तैयार, रक्षा मंत्री ने बुलाई बैठक, बनाया ये प्लान

कोरोना वायरस : किसी भी हालात के लिए सेना तैयार, रक्षा मंत्री ने बुलाई बैठक, बनाया ये प्लान

मीडियावाला.इन।

नई दिल्ली: भारत में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संकट से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तैयारियों की समीक्षा की. कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में और क्या किया जा सकता है, इस पर चर्चा करने के लिए राजनाथ सिंह ने चीफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव अजय कुमार और सशस्त्र बलों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की. ये बैठक लगभग आधे घंटे तक चली. बैठक में सीडीएस जन बिपिन रावत, थल सेना प्रमुख जन एम एम नरवणे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह सहित रक्षा सचिव अजय कुमार मौजूद थे.

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने विदेशों से लाए गए भारतीयो और उनके लिए बनाई गई वेलनेस / क्वारंटाइन  और आइसोलेशन  में किए गए बंदोबस्त और कामों पर संतोष व्यक्त किया. रक्षामंत्री ने सभी आर्मड फोर्स डिफेंस पीएसयू और अन्य संस्थानों स्थानीय प्रशासन की पूरी तरह मदद करने को कहा.

बैठक में रक्षामंत्री को अब तक के किए गए व्यवस्थाओं और उनके जरिए किए गए कामों के बारे में जानकारी दी. जिनमें भारतीय वायुसेना के विमानो के जरिए चीन, जापान और इरान से लाए गए भारतीय नागरिकों की जानकारी दी गई. कुल भारतीय सेना की तरफ से अब तक अलग-अलग क्वारंटाइन  और आइसोलेशन  में 1462 लोगो को रखा गया है. जिनमें से 389 लोगों को क्वारंटाइन  सेंटर में समय के पूरा होने के बाद घर भेज दिया गया.

मौजूदा समय में सेना की तरफ से मानेसर, हिंडन, जैसलमेर, जोधपुर और मुंबई में 1073 लोगों की देख-रेख की जा रही है. साथ ही 960 बेड के साथ अन्य क्वारंटाइन  फैसिलिटी को तैयार रखा गया है. डीआरडीओ ने अब तक 20000 लीटर सैनेटाइजर बनाकर विभिन्र सरकारी संस्थानों को दिया है, इसमें से 10000 लीटर सैनेटाइजर दिल्ली पुलिस को दिया है.

इसके अलावा डीआरडीओ ने 10,000 मास्क की सप्लाई दिल्ली पुलिस को की है. साथ ही डीआरडीओ कुछ निजी संस्थानों के साथ पर्सनल प्रोटेक्शन उपकरण जैसे बॉडी सूट और वेंटिलेटर बनाने के लिए काम कर रही है. OFB यानी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड सैनिटाइज़र, मास्क और बॉडी सूट के उत्पादन में भी बढाया है तो वही भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भी वेंटिलेटर बनाने में लगी हुई है.

मालदीव में तैनात सेना की मेडिकल टीमें अपने मिशन को पूरा कर लौटी हैं. सेना की मेडिकल टीमें और नौसेना के दो जहाज पड़ोसी में देशो की जरूरत में मदद के लिए स्टैंडबाय पर हैं.

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