Thursday, December 05, 2019
हैदराबाद डॉक्टर मर्डर: परिवार वालों ने 100 नंबर मिलाया तो पुलिस बोली- पहले आधार नंबर बताइए

हैदराबाद डॉक्टर मर्डर: परिवार वालों ने 100 नंबर मिलाया तो पुलिस बोली- पहले आधार नंबर बताइए

मीडियावाला.इन।

नई दिल्ली- हैदराबाद में 26 साल की वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या के मामले में जैसे-जैसे नए खुलासे हो रहे है, उसमें पुलिस वालों की असंवेदनहीनता साफ नजर आ रही है। पहले तेलंगाना के मंत्री तक कह चुके हैं कि पीड़िता को बहन को फोन करने के बजाय पहले पुलिस को फोन करना चाहिए था। लेकिन, अबब पुलिस और मंत्री के दावों की पोल खुल रही है। अब परिवार वालों ने बताया है कि जब गायब डॉक्टर का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था तब उन्होंने 100 नंबर पर शिकायत करने की सोची। लेकिन, वहां ऐसे संजीदा केस में भी पुलिस वालों को पहले आधार नंबर की पड़ी थी और वह बताने के बाद ही शिकायत सुनी गई।

पुलिस बोली- पहले आधार नंबर बताइए

पीड़िता की बहन ने उस काली रात की कई ऐसी हकीकतें बयां की हैं, जिसको सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। तेलंगाना के मंत्री और पुलिस पहले ही यह सफाई दे चुके हैं कि पीड़िता को पहले बहन को नहीं पुलिस को फोन करना चाहिए था, 100 नंबर मिलाना चाहिए था। लेकिन, अब पीड़िता की बहन उस 100 नंबर पर शिकायत दर्ज करने की लंबी-चौड़ी औपचारिकताओं की पोल खोल रही है। पीड़िता की बहन ने बताया है कि जब उस रात उसकी बहन कहीं नहीं मिल रही थी और न ही उसका कुछ सुराग मिल पा रहा था, तब उसके परिवार वालों ने पुलिस की हेल्पलाइन 100 नंबर पर फोन लगाया। शुरू में तो एक दबाइए या दो दबाइए का रिकॉर्डेड मैसेज आना शुरू हुआ। इसके बाद जब फोन किसी पुलिस वाले ने उठाया तो उसने कहा कि पहले आधार नंबर बताइए और उसके बाद ही शिकायत लिखने के लिए तैयार हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उस बदहवासी की स्थिति में पीड़िता अगर 100 नंबर लगाती भी तो वह आधार नंबर बता पाती?

 

पुलिस के रवैये पर सवाल

पीड़िता की बहन घटना के बाद से घर से नहीं निकली है। उसका कहना है कि पुलिस से कोई मदद नहीं मिली, अगर समय रहते उसकी बहन को मदद मिल जाती तो वह जिंदा होती। बहन ने दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की है। उसने कहा कि घटनास्थल उनके घर से दो किलोमीटर दूर है। तब दोनों बहनों के बीच छह मिनट तक बात हुई थी, जिसमें उसने कहा था कि उसे डर लग रहा है। वहीं, पीड़िता की मां ने याद करते हुए कहा, 'जब आखिरी बार उसने मुझसे बात की थी, तब वो घर की ओर ही आ रही थी। वो भूखी थी तो उसने फल काटकर रखने को कहा था। लेकिन उसने मुझे टायर पंक्चर होने के बारे में कुछ नहीं बताया था। मैंने खाना तैयार रखा था, बस उसके घर आने का इंतजार कर रही थी।' जबकि, पीड़िता के पिता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस का रवैया काफी ढीला रहा है। पुलिस शुरुआत में स्पॉट पर नहीं गई, सिर्फ सीसीटीवी ही देखती रही। यहां तक कि पुलिस ने उनकी बेटी पर ही सवाल खड़े कर दिए थे कि वह कहीं चले गई है।
 

 

हैदराबाद की घटना पर सकते में है सारा देश

बता दें कि 26 साल की पीड़िता को चारों आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत अपना शिकार बनाया था। पहले उसकी स्कूटी को पंक्चर कर दिया और उसे ही ठीक कराने के बहाने उसे अगवा कर लिया। बाद में चारों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप को अंजाम दिया। रेप के दौरान उसे जबरन शराब भी पिलाई। फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में पेट्रोल पंप से बोलत में पेट्रोल लाकर उसके शरीर को जलाकर सबूत भी मिटाने की कोशिश की गई। इस जघन्य अपराध के खिलाफ देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग आरोपियों को तुरंत फांसी पर लटकाने की मांग कर रहे हैं। इन आरोपियों के खिलाफ नफरत का आलम ये है कि उनके परिवारों ने भी फिलहाल उनसे हमदर्दी नहीं दिखाई है और रंगारेड्डी जिले के वकीलों ने ऐलान कर दिया है कि इन चारों आरोपियों का केस कोई नहीं लड़ेगा।

 

source: oneindia.com

RB

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