निर्भया के दोषी विनय ने फांसी से बचने के लिए तिहाड़ जेल में चली एक और चाल, दिवार से फोड़ा सिर

निर्भया के दोषी विनय ने फांसी से बचने के लिए तिहाड़ जेल में चली एक और चाल, दिवार से फोड़ा सिर

मीडियावाला.इन।

निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस में दोषी ठहराए गए विनय के पास अब फांसी की सजा को टालने के सारे विकल्प खत्म हो गए हैं ऐसे में दोषी नए तिकड़म जुटाने में लग गए हैं। इसी तिकड़म को अंजाम देने के लिए एक दोषी विनय ने गुरुवार को तिहाड़ जेल की दीवार पर सर पटककर खुद को घायल कर लिया। इस दौरान वॉर्डन ने उसे रोका भी लेकिन तब तक वह खुद को घायल कर चुका था। तुरंत ही विनय को अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी मिल गई।

बता दें विनय शर्मा को तिहाड़ जेल के बैरक नंबर 3 में रखा गया है। यह घटना सोमवार 16 जनवरी की बताई जा रही है सूत्रों के अनुसार, विनय ने सेल में अपना सिर पटका। हालांकि, वह दोबारा और जोर से ऐसा कर पाता तब तक बाहर खड़े सिपाही ने उसे रोक लिया। बताया गया कि दोषी विनय खुद को फांसी से बचाने के लिए चाल चल रहा है। वह खुद को मेडिकल अनफिट करने की कोशिश में है, ताकि उसकी फांसी टल जाए। इस घटना के बाद चारों दोषियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

दावा किया है कि तीसरी बार डेथ वॉरंट जारी होने के बाद से ही दोषियों के रवैये में काफी बदलाव देखने को मिला है। उनका रवैया पहले से ज्यादा आक्रामक हो गया है। अब उन्हें छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ रहा है। सीसीटीवी के जरिये भी एक कर्मचारी हमेशा चारों दोषियों पर नजर रख रहा है।

वकील एपी सिंह का दावा- विनय की दिमागी हालत खराबदोषियों के वकील एपी सिंह ने दावा किया है कि विनय की दिमागी हालत ठीक नहीं है। 17 फरवरी को विनय ने अपनी मां को पहचानने से भी इनकार कर दिया था। सिंह ने कहा कि नया डेथ वॉरंट जारी होने के बाद से विनय की मानसिक हालत और बिगड़ गई है।

हालांकि, जेल अधिकारियों का कहना है कि विनय के साथ बातचीत में इसका कोई संकेत नहीं मिला। एक अधिकारी ने कहा, 'वह बिल्कुल स्वस्थ है और हाल ही में हुए साइकोमेट्री टेस्ट में वह बिल्कुल दुरुस्त निकला।

सूत्रों का कहना है कि जेल प्रशासन यह नहीं चाहता है कि डेथ वॉरंट जारी होने के बाद इन्हें ऐसा लगे कि इनके साथ प्रशासन का व्यवहार बदला हुआ है। इसलिए अधिकारी इनसे जाकर बातचीत करते हैं। दोषियों की लगातार काउंसलिंग भी कराई जा रही है। साथ ही परिजनों से मुलाकात का वक्त भी दिया जा रहा है और मेडिकल हेल्थ पर भी नजर रखी जा रही है।

बताते चलें कि 7 फरवरी को अदालत ने निर्देश दिया था कि चारों दोषियों -मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) को तीन मार्च को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाए और तब तक लटकाये रखा जाए जब तक उनकी मौत न हो जाए। यह तीसरी बार है कि इन चारों के लिए अदालत से मृत्यु वारंट जारी किये गये हैं।

इस बीच निर्भया की मां ने उम्मीद जतायी कि चारों दोषियों को 3 मार्च को फांसी पर लटका दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम आशा करते है कि इस आदेश को आखिरकर लागू किया जाएगा।'

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