ट्रैक्टर रैली हिंसा: किसान नेताओं के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, जब्त हो सकते हैं पासपोर्ट

ट्रैक्टर रैली हिंसा: किसान नेताओं के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, जब्त हो सकते हैं पासपोर्ट

मीडियावाला.इन।

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के सिलसिले में राकेश टिकैत, योगेन्द्र यादव और मेधा पाटकर सहित 37 किसान नेताओं के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है और उनके खिलाफ दंगा, आपराधिक षड्यंत्र, हत्या का प्रयास सहित भादंसं की विभिन्न धाराओं में आरोप लगाया है। दिल्ली के पुलिस प्रमुख एस. एन. श्रीवास्तव द्वारा किसान नेताओं पर भड़काऊ भाषण देने और हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाए जाने के बाद किसान नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है। वहीं गुरुवार को पुलिस ने किसान नेताओं को लुक आउट नोटिस जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक जिनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी होगा उनके पासपोर्ट भी जब्त होंगे। पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी करते हुए कहा कि किसान नेताओं ने हमें धोखा दिया और वादाखिलाफी की क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इनके खिलाफ दर्ज हुई FIR
प्राथमिकी में जिन नेताओं को नामजद किया गया है, उनमें मेधा पाटकर, योगेन्द्र यादव, दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, राकेश टिकैत, कुलवंत सिंह संधू, सतनाम सिंह पन्नू, जोगिंदर सिंह उग्राहा, सुरजीत सिंह फूल, जगजीत सिंह डालेवाल, बलबीर सिंह राजेवाल और हरिंदर सिंह लाखोवाल शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्राथमिकी में भादंसं की कई धाराओं का उल्लेख है जिनमें 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगों के लिए सजा), 353 (किसी व्यक्ति द्वारा एक लोक सेवक / सरकारी कर्मचारी को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकना) और 120बी (आपराधिक साजिश) शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के दौरान पुलिस से पिस्तौल, 10 गोलियां और आंसू गैस के दो गोले लूट लिए।

दिल्ली पुलिस के 394 कर्मी घायल
ट्रैक्टर परेड में हिंसा और तोड़-फोड़ में दिल्ली पुलिस के 394 कर्मी घायल हुए हैं। एक प्राथमिकी में दिल्ली पुलिस के एक कर्मी ने दावा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक को ट्रैक्टर से टक्कर मारकर उनकी हत्या का प्रयास किया। एक पुलिस अधिकारी ने दावा किया है कि परेड के दौरान कई ट्रैक्टरों के नंबर प्लेट छुपे हुए थे। दिल्ली के पुलिस आयुक्त श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कुछ पूर्व नेताओं जैसे सतनाम सिंह पन्नू और दर्शन पाल ने भड़काऊ भाषण दिए जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़े। हिंसा में पुलिस के 30 वाहनों को नुकसान पहुंचा है। हिंसा के दौरान पुलिस के 428 अवरोधक क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस के अनुसार, दंगे में डीटीसी बस के चालक प्रवीण कुमार घायल हुए हैं और उन्हें बसईदारापुर के ईएसआईसी मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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