कहीं आप व्हाट्सऍप पर आतंकियों की मदद तो नहीं कर रहे?

कहीं आप व्हाट्सऍप पर आतंकियों की मदद तो नहीं कर रहे?

रक्षा विशेषज्ञ के कथनानुसार  व्हाट्स अप पर वायरल होने वाली गुमशुदा,  बिछडना तथा मैसेज शेयर के माध्यम से फारवर्ड होने वाली तमाम सूचनाओं को आतंकवादी घटनाओं के लिये कोड वर्ड बताया गया है।  ऐसी सूचनाओं को शेयर करने के दौरान हम सब अनजाने मे आतंकी गतिविधियों की सूचना उनके द्वारा बनाये गये कोड के माध्यम से वायरल कर देते हैं।

इसलिये कृपया आगे से स्टेशन पर बच्चा मिलने, ट्रेन मे किसी के छूट जाने, किसी बीमार की मदद करने,भगवान के नाम ग्रुप मे भेजने  और खोई मार्कशीट मिलने जैसे मैसेज बगैर पुष्ट जानकारी के किसी भी ग्रुप या व्यक्तिगत नंबर पर न भेजें और आतंकवादियों के षडयंत्र को नाकाम कर देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने मे सहयोग करें।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी बीमार व्यक्ति का मैसेज वायरल कर मदद के लिये शेयर करने को कहा जाता है तो इसका कोड वर्ड मे मतलब है कि आतंकी का साथी बीमार है उसे मदद चाहिये। यदि मोबाइल पर कोई बच्चा ट्रेन से बिछडने का मैसेज आता है तो इसका मतलब है कि आतंकी को उसका साथी खोजने मे दिक्कत हो रही है। ऐसे ही ट्रेन हादसे की फर्जी फोटो डालकर किसी वारदात का ईशारा किया जाता है।  इसलिये आप सभी इस संदेश को अपने करीबियों तक पंहुचाये  और बगैर पूरी तस्दीक किये किसी भी ऐसे मैसेज को फारवर्ड न करें।

सभी सतर्क रहें। तथा अपने मित्रों से भी जानकारी साझा करें।
 

 

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