Khedapati Hanuman Temple Controversy : यज्ञ सम्राट, महंत मौनी बाबा समस्या को लेकर आए आगे SP-SDM को सौंपा ज्ञापन; ट्रस्ट पर पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक दबाव के आरोप!

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Khedapati Hanuman Temple Controversy : यज्ञ सम्राट, महंत मौनी बाबा समस्या को लेकर आए आगे SP-SDM को सौंपा ज्ञापन; ट्रस्ट पर पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक दबाव के आरोप!

जानिए कौन हैं मौनी बाबा?

Ratlam : शहर के सगोद रोड स्थित प्राचीन श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक और कानूनी मुद्दे के रूप में उभरा हैं। सोमवार को महंत श्री कृष्णदास मौनी बाबा महाराज एवं उनके शिष्य सेवानाथ ने एसपी, एसडीएम कार्यालय पहुंचकर विस्तृत शिकायत एवं ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर परिसर में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि मंदिर से जुड़े तथाकथित ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कुछ राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों की मिलीभगत से पुलिस बल का उपयोग कर वर्षों से चली आ रही सेवा-पूजा एवं पुरुषोत्तम मास में चल रहें अखंड रामायण पाठ को बाधित किया था।

ज्ञापन में दावा किया गया है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव द्वारा सिविल ड्रेस में आधी रात को मंदिर परिसर पहुंचकर कार्रवाई की गई। शिकायत के अनुसार, मंदिर में लगे CCTV कैमरे बंदकर DVR मशीन अपने साथ ले जाने, उपस्थित साधु-संतों एवं पुजारियों के मोबाइल फोन जब्त करने, गाली-गलौज एवं बलपूर्वक मंदिर से बाहर निकालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महंत पक्ष का कहना है कि मंदिर में अनादिकाल से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को बाधित कर संत समाज की भावनाओं को आहत किया गया है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 3 जून की शाम मंदिर में स्थापित दानपात्र का ताला तोड़कर उसमें मौजूद श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि निकाल ली गई। साथ ही ट्रस्ट पर वर्ष 2020 से आय-व्यय का कोई सार्वजनिक हिसाब नहीं देने और मंदिर की व्यवस्थाओं में मनमानी करने के आरोप भी लगाए गए हैं। महंत मौनी बाबा ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि विभिन्न न्यायालयों में चल रहे प्रकरणों के दौरान मंदिर के संचालन और कब्जे को लेकर कई आदेश पारित हो चुके हैं, जबकि ट्रस्ट द्वारा बलपूर्वक कब्जा लेने के आवेदन को न्यायालय पहले ही निरस्त कर चुका है। इसके बावजूद साधु-संतों के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार कर उन्हें मंदिर से हटाने का प्रयास किया गया।

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महंत श्री कृष्णदास मौनी बाबा एवं उनके शिष्य सेवानाथ जी ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा मंदिर में पूर्ववत धार्मिक गतिविधियां संचालित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं सहयोग प्रदान किया जाए। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायत में लगाए गए आरोप महंत पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं। संबंधित ट्रस्ट और पुलिस प्रशासन की और से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी हैं!

कौन है मौनी बाबा!
मौनी बाबा मध्य प्रदेश के रतलाम और राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित मंदिरों के महंत हैं आप मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में पदस्थ थे किन्हीं कारणों से इस्तीफा दिया और जीवन से वैराग लेकर सन्त जीवन अपना लिया मौनी बाबा का पूरा नाम श्री कृष्णदास हैं जिन्होंने बीते 4 दशकों से अधिक समय तक मौन धारण कर रखा था अभी कुछ वर्षों से बोलना प्रारंभ किया है। हम उनके अन्न ग्रहण करने की बात करें तो वह अन्न ग्रहण नहीं करते हैं फल-फ्रुट पर अपना जीवन यापन करते हैं। मौनी बाबा यज्ञ सम्राट उपाधि से विभूषित किए गए हैं वजह है इन्होंने इनके जीवन में सैकड़ों यज्ञ देश की शांति-खुशहाली और अमन-चैन कायम करने कराएं हैं। इन्हें रामानन्द स्वरुपान्द जी महाराज ने यज्ञ सम्राट उपाधि से विभूषित किया था। रतलाम के त्रिपोलिया गेट से आगे नरसिंह मंदिर के महंत हैं तथा राजस्थान के भीलवाड़ा में बस स्टैंड पर स्थित देवरिया दरबार में गणेश जी मंदिर के भी महंत हैं इस न्यास की करोड़ों की सम्पत्ति जिसमें कृषि भूमि भी हैं रतलाम जिले और भीलवाड़ा में मौजूद हैं जिनसे प्राप्त फसल और किराए से इन मंदिरों में ठहरने वाले साधु-संतों का भजन-भोजन का इंतजाम होता हैं!